: Indore News: पुलिस ने प्रिंसिपल के तीनों सुरक्षा आवेदन रद्दी समझे, सिरफिरे ने उन्हें जिंदा जला दिया
News Desk / Thu, Feb 23, 2023
पुलिस की गलती से प्रिंसिपल विमुक्ता शर्मा का जीवन संकट में आ गया - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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पुलिस की लापरवाही किसी के जीवन पर कितनी भारी पड़ सकती है इसका ताजा उदाहरण है इंदौर की प्रिंसिपल विमुक्ता शर्मा का केस। उनके बीएम कॉलेज का सिरफिरा स्टूडेंट आशुतोष श्रीवास्तव उन्हें कई दिनों से परेशान कर रहा था और वे इस बात की जानकारी पुलिस को तीन बार दे चुकीं थी। पुलिस ने उनके तीनों आवेदन को रद्दी समझकर इग्नोर कर दिया और उसका हश्र यह हुआ कि आशुतोष ने उन्हें पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया।क्या है मामला
इंदौर के सिमरोल स्थित बीएम फॉर्मेसी कॉलेज में बड़ी घटना हुई है। यहां की प्रिंसिपल विमुक्ता शर्मा को पूर्व छात्र आशुतोष श्रीवास्तव ने पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। वह पूर्व मेें भी इस तरह की कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है। वह अपनी मार्कशीट आने में देरी पर नाराज था और प्रिंसिपल को लगातार धमकी दे रहा था। प्रिंसिपल ने इस बात की सूचना पुलिस को देते हुए तीन आवेदन दिए थे। दो आवेदन फरवरी 2022 में दिए गए और इसके बाद एक आवेदन सितंबर 2022 में दिया गया था। पुलिस ने इन आवेदनों को जरूरी नहीं समझा और अंत में आशुतोष ने प्रिंसिपल पर पेट्रोल डालकर उन्हें जिंदा जला दिया। आज वे अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रही हैं और डॉक्टरों ने परिजन को बताया है कि उनकी हालत बेहद नाजुक है।
भडक़े परिजन, बोले- कानून पर विश्वास करने की सजा मिली
बेटी देवांशी ने कहा कि मां ने धमकियां मिलने पर बार-बार पुलिस को चि_ियां लिखीं पर किसी ने सुनवाई नहीं की। उल्टे अफसर कह रहे हैं कि तब मैं नहीं था, कोई कहता है कि ढेरों आवेदन आते हैं? कानून पर भरोसा करने की सजा हम भुगत रहे हैं।
महापौर ने दिलाया दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन
इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने परिजन से मुलाकात की। उन्होंने मुलाकात के बाद कहा कि परिवार ने पुलिस के खिलाफ तथ्य रखे हैं। प्राचार्य द्वारा दिए गए आवेदनों पर कार्रवाई नहीं की गई तो दोषी अधिकारियों पर तत्काल एक्शन लिया जाना चाहिए। इस संबंध में पुलिस से बात की जा रही है। मैंने उन्हें दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
एएसआई सस्पेंड
इस मामले में एक एएसआई को सस्पेंड किया गया है। विमुक्ता शर्मा द्वारा एक साल पहले दिए गए आवेदन की जांच में लापरवाही बरतने वाले सिमरोल थाने में पदस्थ एएसआई संजीव तिवारी को सस्पेंड किया गया है। उन्हें रक्षित केंद्र महू में अटैच किया है।
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