उज्जैन में महाकाल लोक परियोजना का शुभारंभ मैंने किया था, हमने इसको लेकर बजट का आवंटन भी किया था। इसकी शुरुआत हमने की थी। बीजेपी तो आज सिर्फ इसका श्रेय लेने का काम कर रही है। लेकिन प्रदेश की जनता सच्चाई जानती है और यह भी जानती है कि बीजेपी का काम है 'बच्चा कहीं और होता है, मिठाई ये लोग बांटने लग जाते हैं' यह बातें प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को जबलपुर के पनागर में एक विशाल जनसभा में संबोधन के दौरान कहा।
कमलनाथ ने कहा, जबलपुर आकर मुझे बड़ी खुशी होती है। जबलपुर से मेरा बड़ा पुराना संबंध है और काफी लगाव है। जबलपुर न सिर्फ प्रदेश की संस्कारी राजधानी है, बल्कि यह संस्कृति की धनी भी है। पूरे विश्व में कोई ऐसा देश नहीं है, जहां इतने धर्म, इतनी जातियां, इतनी भाषाएं, इतने देवी-देवता और इतने रीति-रिवाज हों। उन सभी के बावजूद आज हम एक झंडे के नीचे खड़े हैं। क्योंकि हमारे देश की संस्कृति और कांग्रेस की संस्कृति एक है। हम दिल जोड़ते हैं, संबंध जोड़ते हैं और रिश्ता जोड़ते हैं। आज हमारी संस्कृति पर आक्रमण हो रहा है और मैं हमारी संस्कृति को बचाने की शुरुआत आज जबलपुर से करने आया हूं। आज हमें तय करना है कि हमें किस रास्ते पर चलना है। देश की संस्कृति के रास्ते पर या मोदी के बताए रास्ते पर?
बाबा साहब के संविधान की पूरे विश्व में चर्चा... पू्र्व सीएम ने कहा, हम आने वाली पीढ़ी को कैसा देश और प्रदेश सौंपना चाहते हैं, यह प्रश्न और चुनौती आज हमारे सामने है। आज चुनौती चुनाव की नहीं, हार-जीत की नहीं, बल्कि चुनौती यह है कि हमारी संस्कृति हारेगी या हमारी संस्कृति जीतेगी। बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर ने हमे एक ऐसा संविधान दिया, जिसकी आज पूरे विश्व में प्रशंसा होती है। लेकिन यदि एक अच्छा संविधान गलत हाथों में चले जाएगा तो हमारा देश कहां जाएगा? बीजेपी आज गुमराह करने वाली बातें करती है, लंबी चौड़ी बातें करती है। लेकिन हमें देखना होगा कि इसके पीछे उसकी क्या रणनीति है। बीजेपी की गुमराह करने वाली राजनीति को आपको पहचानना होगा, हमने अपनी 15 महीने की सरकार में अपनी नीति-नियत का परिचय दिया है।
कमलनाथ ने कहा, कौन सी चुनौती हमारे सामने नहीं थी। शिवराज ने मुझे कैसा प्रदेश सौंपा, जो किसानों की आत्महत्या में, महिलाओं पर अत्याचार में, बेरोजगारी में, भ्रष्टाचार में नंबर वन प्रदेश था। जो शिवराज खुद को मामा और किसान पुत्र कहलाते हैं, यह उनकी सरकार की वास्तविकता है। हमने अपनी सरकार में कृषि क्षेत्र में क्रांति लाने की शुरुआत की थी, हमने युवाओं को रोजगार देने का काम किया था। क्योंकि आज हमारा युवा रोजगार को लेकर दर-दर भटक रहा है, उसके भविष्य के सामने आज अंधेरा है, यदि उसका भविष्य ही अंधकार में रहा तो वो प्रदेश का कैसे नवनिर्माण करेगा?
'योजनाओं के लिए काफी धनराशि दी'
जबलपुर क्षेत्र की बात करें तो हमने अपनी सरकार में और मैंने केंद्रीय मंत्री रहते भी इस क्षेत्र के विकास के लिए, विकास की योजनाओं के लिए काफी धनराशि दी थी। बात करें चाहे यूनिवर्सिटी की, स्पोर्ट स्टेडियम की, नहर की हमने क्षेत्र के विकास को लेकर पर्याप्त योजनाएं बनाई और पर्याप्त राशि दी। लेकिन बीच में ही हमारी सरकार गिरा दी गई। आप ही बताएं कि मैंने कौन सा गुनाह और पाप किया, जो मैंने 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया। एक हजार गौशालाओं का निर्माण कार्य प्रारंभ कराया, जितनी गौशालाएं 15 साल में नहीं बनी, उतनी हमने 15 महीने में बनाई। हमने 100 रुपये में 100 यूनिट बिजली प्रदान की और आज बिजली के बिलों की क्या स्थिति है? आपको पता है, हमने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि और कन्या विवाह की राशि बढ़ाई।
'मोदी जी कहते थे, किसानों की आय दोगुनी करेंगे' कमलनाथ ने कहा, आज बात करें तो किसान किस प्रकार खाद, बीज और बिजली के लिए भटक रहा है। आज कितने किसानों को मंडी में समर्थन मूल्य का लाभ मिल रहा है। मंडियों की क्या स्थिति है, यह तस्वीर आपके सामने है। आज शिवराज और मोदी किसानों की ,युवाओं की बात नहीं करेंगे। यह तो सिर्फ ध्यान मोड़ने की बात करते हैं। आपको पता है कि मोदी जी साल 2013-14 में कहते थे कि किसानों की आय दोगुनी करेंगे, दो करोड़ युवाओं को रोजगार देंगे, अच्छे दिन लाएंगे। आज यह किसान, नौजवान और अच्छे दिन की बात नहीं करते हैं। आज तो यह राष्ट्रवाद और पाकिस्तान के नाम पर गुमराह करने का काम करते हैं। हमारे शिवराज जी तो हर साल घोषणा करते हैं कि एक लाख युवाओं को प्रतिमाह रोजगार देंगे।
मैं तो शिवराज जी से कहना चाहता हूं कि एक लाख रोजगार तो बाद में दे देना, पहले जो रिक्त पद है उस पर ही भर्ती चालू कर दें। इनकी कलाकारी आप सभी के सामने है। शिवराज जी की आज भी 20 हजार घोषणाएं अधूरी हैं। वह तो जहां नदी नहीं हो, वहां पर भी पुल की घोषणा कर देते हैं। वह कहते हैं कि कांग्रेस ने 70 साल में क्या किया तो मैं जवाब में कहता हूं कि मोदी जी यदि आप स्कूल गए होंगे तो वह स्कूल भी कांग्रेस ने बनवाया। शिवराज जी यदि आप स्कूल-कॉलेज गए हैं तो वह स्कूल-कॉलेज भी कांग्रेस की ही देन है। आज शिवराज और बीजेपी का झूठ सुनकर मुझे आश्चर्य होता है।
'मुख्यमंत्री बनने या नहीं बनने का सवाल नहीं'
पूर्व सीएम ने कहा, विधानसभा चुनाव में मात्र 11 महीने बाक़ी हैं। सवाल कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने या नहीं बनने का नहीं है। यह चुनाव हमारे देश के और प्रदेश के भविष्य का चुनाव है। तस्वीर सामने रख लीजिएगा और यह तस्वीर भक्तजनों को भी दिखाइएगा। आप कमलनाथ का साथ भले मत देना, कांग्रेस का साथ भले मत देना। लेकिन तस्वीर सामने रख सच्चाई का साथ जरूर देना, क्योंकि यही सच्चाई हमारे भविष्य को सुरक्षित रख सकती है। इसी से किसानों का और नौजवानों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।
आज जबलपुर के विकास की दृष्टि से पिछड़ने का मुझे बड़ा दुख है। मैंने तो जबलपुर में अपनी कैबिनेट की बैठक भी की थी। मैंने इस क्षेत्र को अपने मंत्रिमंडल में भी काफी प्रतिनिधित्व दिया था और लगातार यहां के विकास को लेकर योजनाएं भी बनाई थी। यदि आप सभी ठान लेंगे तो मध्यप्रदेश की विधानसभा में कांग्रेस का परचम लहराने से कोई नहीं रोक सकता है।
बता दें कि सभा का संचालन पूर्व मंत्री तरुण भनोत ने किया। आभार सन्मति सैनी ने किया। सभा में पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया, वरिष्ठ नेता रामेश्वर नीखरा, विधायक विनय सक्सेना, संजय यादव, महापौर जगत बहादुर सिंह, पूर्व मंत्री औंकार मरकाम, कौशल्या गोटिया, निलेश अवस्थी, नारायण पट्टा, भूपेंद्र मरावी और वीरेंद्र चौबे सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस जन मौजूद रहे। सभा की शुरुआत वंदे मातरम के गायन से हुई और सभा के अंत में राष्ट्रगान का गायन हुआ।
विस्तार
उज्जैन में महाकाल लोक परियोजना का शुभारंभ मैंने किया था, हमने इसको लेकर बजट का आवंटन भी किया था। इसकी शुरुआत हमने की थी। बीजेपी तो आज सिर्फ इसका श्रेय लेने का काम कर रही है। लेकिन प्रदेश की जनता सच्चाई जानती है और यह भी जानती है कि बीजेपी का काम है 'बच्चा कहीं और होता है, मिठाई ये लोग बांटने लग जाते हैं' यह बातें प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को जबलपुर के पनागर में एक विशाल जनसभा में संबोधन के दौरान कहा।
कमलनाथ ने कहा, जबलपुर आकर मुझे बड़ी खुशी होती है। जबलपुर से मेरा बड़ा पुराना संबंध है और काफी लगाव है। जबलपुर न सिर्फ प्रदेश की संस्कारी राजधानी है, बल्कि यह संस्कृति की धनी भी है। पूरे विश्व में कोई ऐसा देश नहीं है, जहां इतने धर्म, इतनी जातियां, इतनी भाषाएं, इतने देवी-देवता और इतने रीति-रिवाज हों। उन सभी के बावजूद आज हम एक झंडे के नीचे खड़े हैं। क्योंकि हमारे देश की संस्कृति और कांग्रेस की संस्कृति एक है। हम दिल जोड़ते हैं, संबंध जोड़ते हैं और रिश्ता जोड़ते हैं। आज हमारी संस्कृति पर आक्रमण हो रहा है और मैं हमारी संस्कृति को बचाने की शुरुआत आज जबलपुर से करने आया हूं। आज हमें तय करना है कि हमें किस रास्ते पर चलना है। देश की संस्कृति के रास्ते पर या मोदी के बताए रास्ते पर?
बाबा साहब के संविधान की पूरे विश्व में चर्चा... पू्र्व सीएम ने कहा, हम आने वाली पीढ़ी को कैसा देश और प्रदेश सौंपना चाहते हैं, यह प्रश्न और चुनौती आज हमारे सामने है। आज चुनौती चुनाव की नहीं, हार-जीत की नहीं, बल्कि चुनौती यह है कि हमारी संस्कृति हारेगी या हमारी संस्कृति जीतेगी। बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर ने हमे एक ऐसा संविधान दिया, जिसकी आज पूरे विश्व में प्रशंसा होती है। लेकिन यदि एक अच्छा संविधान गलत हाथों में चले जाएगा तो हमारा देश कहां जाएगा? बीजेपी आज गुमराह करने वाली बातें करती है, लंबी चौड़ी बातें करती है। लेकिन हमें देखना होगा कि इसके पीछे उसकी क्या रणनीति है। बीजेपी की गुमराह करने वाली राजनीति को आपको पहचानना होगा, हमने अपनी 15 महीने की सरकार में अपनी नीति-नियत का परिचय दिया है।
कमलनाथ ने कहा, कौन सी चुनौती हमारे सामने नहीं थी। शिवराज ने मुझे कैसा प्रदेश सौंपा, जो किसानों की आत्महत्या में, महिलाओं पर अत्याचार में, बेरोजगारी में, भ्रष्टाचार में नंबर वन प्रदेश था। जो शिवराज खुद को मामा और किसान पुत्र कहलाते हैं, यह उनकी सरकार की वास्तविकता है। हमने अपनी सरकार में कृषि क्षेत्र में क्रांति लाने की शुरुआत की थी, हमने युवाओं को रोजगार देने का काम किया था। क्योंकि आज हमारा युवा रोजगार को लेकर दर-दर भटक रहा है, उसके भविष्य के सामने आज अंधेरा है, यदि उसका भविष्य ही अंधकार में रहा तो वो प्रदेश का कैसे नवनिर्माण करेगा?