: MP: कलेक्टर ने पूरी की कचरा बीनने वाली बच्ची की ख्वाहिश, स्कूल में कराया एडमिशन, वायरल हुआ था चाहत का वीडियो
News Desk / Thu, Feb 23, 2023
कचरा बीनने वाली पांच वर्षीय मासूम चाहत की स्कूल जाने की ख्वाहिश कलेक्टर ने पूरी कर दी है। कटनी जिला कलेक्टर अवि प्रसाद को जब चाहत की इच्छा की जानकारी लगी तो बिना देर किए उन्होंने महज दो घंटे के अंदर ही सर्वे कराकर चाहत और उसके साथ अन्य दो बालिकाओं का स्कूल में एडमिशन कराया।
दरअसल सोशल मीडिया पर मासूम बच्ची चाहत का कचड़ा बीनते हुए वीडियो वायरल हो रहा था, जिस शख्स ने बच्ची का वीडियो बनाया था उसने ही वीडियो बनाते समय बच्ची से पढ़ाई करने की बात पूछी थी, इस दौरान मासूम ने अपनी मंशा जाहिर करते हुए पढ़ने की इच्छा व्यक्त की थी। वायरल वीडियो कटनी जिले के ढीमरखेड़ा इलाके का बताया जा रहा है, जिसे संज्ञान में लेकर कलेक्टर अवि प्रसाद ने जांच के निर्देश दिए। वहीं, इस तरह के कितने बच्चे हैं उसका भी पता लगवाने के आदेश जारी किए। निर्देश मिलते ही विभाग के सर्वे पर मिली तीन बच्चियों का स्थानीय शासकीय स्कूल में पहली कक्षा में दाखिला करवाया गया।
पूरे मामले पर कलेक्टर अवि प्रसाद ने बताया की ढीमरखेड़ा क्षेत्र का मामला है, जहां एक बच्ची कचड़े के ढेर में खड़ी दिखाई दे रही थी। उसने पढ़ाई की इच्छा भी जाहिर की थी जिस पर मेरे द्वारा मामले को संज्ञान लेकर जांच के निर्देश दिए थे। इस दौरान मौके पर गई टीम को बच्ची चाहत के साथ कमला और चांदनी भी मिली जिनका स्कूल में एडमिशन कराया गया है। बच्ची की उम्र हाल फिलहाल में 5 वर्ष हुई जिसके कारण पहले स्कूल नहीं जा सकी। वहीं, बस स्टैंड और स्टेशन पर इस तरह के बहुत से बच्चों की घूमने की बात पूछने पर कलेक्टर ने कहा की प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप शिक्षा के अधिकार के तहत हर वर्ष सरकारी स्कूलों में मनाए जा रहे प्रवेशोत्सव को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए शिक्षा विभाग के अमले को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रयास करने के निर्देश दिए हैं।
पारिवारिक मजबूरियों के चलते चाहत जैसे कई बच्चे हैं जो पढ़ लिख नहीं पाते, लेकिन उनके दिल में भी बाकी बच्चों की तरह पढ़ने और कुछ बनने की हसरत होती है। कटनी कलेक्टर ने चाहत की ख्वाहिश पूरी कर उसे उसके सपनों को पूरा करने का एक मौका दिया है। कलेक्टर की इस सराहनीय पहल की अब लोग प्रशंसा कर रहे हैं, वहीं, स्कूल में एडमिशन होने से चाहत, कमला और चांदनी बेहद खुश हैं।
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