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: Mp News:इंदौर में मेडिकल छात्रा बनकर सुलझाया लेडी कांस्टेबल ने रैगिंग केस, 11 छात्रों पर केस

News Desk / Sun, Dec 11, 2022


सार

इंदौर के मेडिकल काॅलेज के रैगिंग केस को सुलझाने के लिए पुलिस को अनोखा तरीका अपनाया। अफसरों ने  24 वर्षीय एक लेेडी कांस्टेबल को काॅलेज छात्रा बनाकर काॅलेज की कैटिंग में कई बार भेजा। कांस्टेबल शालिनी चौहान को इस केस को सुलझान में तीन माह का समय लगा। 
 

 

महिला आरक्षक शालिनी

महिला आरक्षक शालिनी - फोटो : amar ujala digital

ख़बर सुनें

पांच माह पहले एमजीएम मेडिकल काॅलेज में हुई रैगिंग का केस पुलिस ने एक लेडी कांस्टेबल की मदद से सुलझा लिया। संयोगितागंज थाने की आरक्षक शालिनी चौहान को इसके लिए मेडिकल छात्रा की भूमिका निभाना पड़ी। शालिनी वर्दी के बजाए जिंस,टाॅप पहकर कंधे पर बैग टांगे काॅलेज के कैटिंग मेें जाती थी और रैगिंग करने वाले आरोपी छात्रों के सबूत जुटा कर थाने लाती थी। मिलनसार स्वभाव और खुशमिजाज छात्रा की भूमिका में रहकर उनसे कई जूनियर छात्रों से दोस्ती कर ली। इसके बाद रैगिंग करने वाले छात्रों का पता लगाया।  पुलिस ने 11 सीनियर छात्रों के खिलाफ केस दर्ज किया। काॅलेज प्रबंधन ने भी उन छात्रों को निलंबित कर दिया हैै।

शालिनी संयोगितागंज थानेे पर पदस्थ है। उनके पुलिसकर्मी पिता का पिछले साल निधन हो गया था। उनके स्थान पर शालिनी को पुलिस विभाग में नौकरी लगी। संयोगितागंज थाना प्रभारी तहजीब काजी ने बताया कि एक छात्र ने यूजीसी की वेबसाइट पर काॅलेज में रैगिंग होने की शिकायत की थी, लेकिन रैगिंग करने वाले सीनियरों के नाम नहीं बताए थे। इसके बाद काॅलेज प्रशासन ने 24 जुलाई को थाने में अज्ञात छात्रों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। आरोपी छात्र रैगिंग की आड़ में जूनियरों से अश्लील हरकतें भी करते थे।

काजी ने बताया कि आरोपियों को पता लगाने के लिए हमने कई छात्रों से पूछताछ की, लेकिन कोई भी नाम बताने के लिए तैयार नहीं था। इसके बाद हमने इस केस को सुलझाने की जिम्मेदारी शलिनी चौहान को दी। वे एक छात्रा के किरदार में काॅलेज जाती थी और जूनियरों से बातें कर रैगिंग करने वाले 11 छात्रों की जानकारी जुटाई। इसके बाद यह केस सुलझ गया और आरोपी छात्रों के नाम हमें पता चल गए।

 

विस्तार

पांच माह पहले एमजीएम मेडिकल काॅलेज में हुई रैगिंग का केस पुलिस ने एक लेडी कांस्टेबल की मदद से सुलझा लिया। संयोगितागंज थाने की आरक्षक शालिनी चौहान को इसके लिए मेडिकल छात्रा की भूमिका निभाना पड़ी। शालिनी वर्दी के बजाए जिंस,टाॅप पहकर कंधे पर बैग टांगे काॅलेज के कैटिंग मेें जाती थी और रैगिंग करने वाले आरोपी छात्रों के सबूत जुटा कर थाने लाती थी। मिलनसार स्वभाव और खुशमिजाज छात्रा की भूमिका में रहकर उनसे कई जूनियर छात्रों से दोस्ती कर ली। इसके बाद रैगिंग करने वाले छात्रों का पता लगाया।  पुलिस ने 11 सीनियर छात्रों के खिलाफ केस दर्ज किया। काॅलेज प्रबंधन ने भी उन छात्रों को निलंबित कर दिया हैै।

शालिनी संयोगितागंज थानेे पर पदस्थ है। उनके पुलिसकर्मी पिता का पिछले साल निधन हो गया था। उनके स्थान पर शालिनी को पुलिस विभाग में नौकरी लगी। संयोगितागंज थाना प्रभारी तहजीब काजी ने बताया कि एक छात्र ने यूजीसी की वेबसाइट पर काॅलेज में रैगिंग होने की शिकायत की थी, लेकिन रैगिंग करने वाले सीनियरों के नाम नहीं बताए थे। इसके बाद काॅलेज प्रशासन ने 24 जुलाई को थाने में अज्ञात छात्रों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। आरोपी छात्र रैगिंग की आड़ में जूनियरों से अश्लील हरकतें भी करते थे।

काजी ने बताया कि आरोपियों को पता लगाने के लिए हमने कई छात्रों से पूछताछ की, लेकिन कोई भी नाम बताने के लिए तैयार नहीं था। इसके बाद हमने इस केस को सुलझाने की जिम्मेदारी शलिनी चौहान को दी। वे एक छात्रा के किरदार में काॅलेज जाती थी और जूनियरों से बातें कर रैगिंग करने वाले 11 छात्रों की जानकारी जुटाई। इसके बाद यह केस सुलझ गया और आरोपी छात्रों के नाम हमें पता चल गए।

 


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