: MP News: खरगोन दंगों के नुकसान की भरपाई के लिए 12 साल का बच्चा भी जिम्मेदार!, 2.9 लाख भरने का नोटिस थमाया
News Desk / Tue, Oct 18, 2022
खरगोन में रामनवमी पर उपद्वव हुए थे। - फोटो : सोशल मीडिया
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मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कक्षा आठ में पढ़ने वाले 12 साल के बच्चे को खरगोन दंगों में हुई नुकसानी की भरपाई के लिए 2.9 लाख का भरने का नोटिस थमाया गया है। एक महिला की शिकायत के बाद क्लेम ट्रिब्यूनल ने ये एक्शन लिया है।बता दें कि मप्र सरकार ने दिसंबर 2021 में पत्थरबाज़ या दूसरे किसी कारण शासकीय और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से ही भरपाई करने के लिए एक्ट मंजूर किया था। सरकार का साफ कहना था कि दंगाई, पत्थरबाज और दूसरों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसी के लिए प्रिवेंशन एंड रिकवरी ऑफ डेमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी नाम का ये एक्ट मंजूरी किया गया था। क्लेम ट्रिब्यूनल इसके लिए साक्ष्यों के आधार पर काम कर रहा है।
गौरतलब है कि 10 अप्रैल रामनवमी पर खरगोन जिले में हिंसा भड़क गई थी। इसके बाद ट्रिब्यूनल को इस मामले में 343 शिकायतें मिली थीं। इनमें से 34 स्वीकार की गई हैं। छह मामलों को निपटाया भी गया। अभी तक 50 लोगों से 7.46 लाख वसूले भी जा चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक खरगोन के 12 साल के बच्चे को 2.9 लाख रुपये भरने का फरमान क्लेम ट्रिब्यूनल की तरफ से दिया गया है। उसके पिता कालू खान को 4.8 लाख रुपये भरने को कहा गया है।
उनकी शिकायत उनके पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने की है। महिला का कहना है कि रामनवमी पर हुए उपद्रव हिंसा से उसकी संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा था। महिला का आरोप लगाया कि 12 साल के बच्चे ने उनके घरों में घुसकर लूटपाट की है। क्लेम ट्रिब्यूनल ने इसके बाद 12 साल के बच्चे और उसके पिता कालू खान के साथ 6 और लोगों को नोटिस भेजा गया है। कालू खान की पत्नी और 12 साल के बच्चे मां का कहना है कि मेरा बेटा नाबालिग है। दंगों के समय हम घर में सो रहे थे। हमें न्याय चाहिए। नोटिस मिलने के बाद बेटा डरा हुआ है, उसे लगता है कि उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मामले में ऑल इंडिया मजलिए ए इत्तेहादु मुस्लिमीन (AIMIM) के चीफ असुद्दीन औवेसी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि मध्य प्रदेश के क़ानून के तहत एक 12 साल के बच्चे को मुजरिम बना दिया गया है। किशोर न्याय क़ानून कहता है की किसी बालक के बारे में... एक बच्चे को किसी भी दुर्भावनापूर्ण या आपराधिक इरादे का दोषी नहीं माना जाएगा। मुसलमानों से इतनी नफ़रत कि अब बच्चों से “वसूली” लेंगे?
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