: MP News: पुलिस कमिश्नरी प्रणाली का एक साल पूरा, अब थानों की रैंकिंग का जिम्मा जनता पर, कमिश्नर खुद करेंगे कॉल
News Desk / Thu, Dec 8, 2022
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा - फोटो : अमर उजाला
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मध्यप्रदेश के दो बड़े शहर इंदौर और भोपाल में कमिश्नर प्रमाणी लागू हुए एक साल पूरा हो गया है। एक साल पूरे होने पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने डीजीपी सुधीर सक्सेना समेत अन्य अधिकारियों के साथ कमिश्नर प्रणाली की समीक्षा की है। गृहमंत्री ने कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद इंदौर और भोपाल की उपलब्धियों को गिनाया है। नरोत्तम मिश्रा ने समीक्षा के बाद कहा कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी कमिश्नरेट सिस्टम लागू करने के लिए मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे।
जनता के फीडबैक पर रैकिंग
गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा इंदौर और भोपाल में अब जनता थानों की रैकिंग करेगी। मिश्रा ने कहा कि थाने जाने वाली जनता के मोबाइल नंबर पर कमिश्नर बात करेंगे। उनसे पूछा जाएगा कि थाने में आपके साथ कैसे व्यवहार और बर्ताव हुआ। किस वजह से थाने गए। क्या कार्रवाई हुई। इसके आधार पर कमिश्नर थानों की रिपोर्ट तैयार करेंगे। मिश्रा ने कहा कि आज कमिश्नर सिस्टम को 1 साल हो गया है और यह एक साल सफल रहा है। इसके लिए डीजीपी और दोनों कमिश्नर को बधाई। गृहमंत्री ने कहा कि अपराधियों की जमानत लेने वालों पर भी कार्रवाई होगी। जमानत लेने के बाद अपराधी फरार हो जाते है। अब जमानत दार से राशि वसूलने का काम किया जाएगा।
भोपाल में 20% और इंदौर में 25% अपराध में कमी
मिश्रा ने बताया कि भोपाल में प्रति लाख पर 20 प्रतिशत अपराध में कमी आई है। वहीं, इंदौर यह कमी 25 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि बड़े अपराधों लूट, चोरी, डकैती में इन सब में 10 प्रतिशत पकड़ने और बरामदगी का आकड़ा बढ़ा है।
सायबर अपराध में एक साल में करोड़ रुपए बरामद
गृहमंत्री ने कहा कि सायबर अपराध में 1 साल में भोपाल पुलिस ने एक करोड़ 14 लाख रुपए बरामद किए है। वहीं, इंदौर पुलिस ने 3 करोड़ रुपए बरामद किए हैं। अदातन अपराधियों में 50 प्रतिशत की कमी आई। मिश्रा ने पुलिसकर्मियों की कमी पर कहा कि जल्द ही 7 हजार जवानों की भर्ती की जा रही है।
आदतन अपराधियों की अपराधों में 50% की कमी
भोपाल पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर ने कहा कि आदतन अपराधियों के अपराधों में 50 प्रतिशत की कमी आई है। पिछले साल आदतन अपराधियों ने 25 सौ घटनाओं को अंजाम दिया था अब यह संख्या 13 सौ पर सिमट कर रह गई है। पिछले साल साढ़े 6 सौ अपराधी हमारे सिस्टम में जुड़ रहे थे, जिनकी सख्या 289 है। सायबर अपराध में पिछले साल के मुकाबले तीन गुना राशि हम बरामद करा पाए है। कमिश्नर ने बताया कि 2018 में घर से गए बच्चों को रिकवर करने में 70 दिन लग रहे थे, अब सिर्फ 13 दिन में बच्चों को रिकवर कर पा रहे हैं।
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