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: Lumpy Virus: प्रदेश के 26 जिलों में फैला लंपी वायरस, सीएम शिवराज बोले पशुओं को बचाने मुफ्त टीका लगाया जाएगा

News Desk / Tue, Sep 20, 2022


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मध्यप्रदेश में लंपी वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। अब तक प्रदेश के 26 जिलों में लंपी वायरस दस्तक दे चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार से बढ़ते संक्रमण को लेकर गंभीर कदम उठाने की मांग की। वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने लंपी वायरस से पशुओं को बचाने के लिए मुफ्त टीका लगाने की बात कही है।  

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को लंपी वायरस की रोकथाम के कार्यों की समीक्षा को लेकर बैठक बुलाई है। बैठक में सीएम ने कहा कि गौ-सेवक, जनप्रतिनिधि और समाज के बाकी लोग हम सब मिलकर बीमारी को रोकना है। करना क्या है? हम उस पर चिवार कर लेंगे। उसके बाद मैं जनता के नाम एक अपील जारी करुंगा कि यह सावधानी रखना है क्योंकि अब यह 26 जिलों में है संक्रमण फैला है,हमें बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। क्योंकि यह हमारी ड्यूटी है कि हम इस बीमारी को खत्म करें। 

सीएम ने कहा कि मेरा मानना है कि इसे बहुत गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। पड़ोसी राज्यों में जिस तरह गाय और बाकी पशुओं की मृत्यु हुई वह दृश्य हमने देखे हैं। किसी भी कीमत पर हमें उस स्थिति को पैदा नहीं होने देना है। यह एक तरीके से पशुओं में कोविड जैसा ही है। कई चीजों से यह फैलता है। मक्खी से, मच्छरों से, आपस में मिलने से, साथ रहने से, यह फैलने वाली संक्रामक बीमारी है। इसे बहुत गंभीरता से लेने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में पशुओं को लंपी वायरस से बचाने के लिए पशुओं को मुफ्त टीका लगाया जाएगा। 

बैठक में सीएम ने कहा कि पशु पालकों को उपायों की जानकारी दें। ग्राम सभा बुला कर सूचित करें। उन्होंने गौ शालााओं में टीकाकरण तेज करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंपी वायरस संक्रमण की बीमारी को गंभीरता से लें। इसे छिपाए नहीं। पशु पालकों को जागरूक करें। उन्होंने संक्रमित पशुओं का आवागमन प्रतिबंधित करने को भी कहा। बैठक में मुख्य सचिव, एसीएस पशुपालन, पीएस मुख्यमंत्री समेत संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। 

मुख्यमंत्री ने पशुओं में लंपी वायरस रोग के लक्षण दिखाई देने पर पशु पालकों को निकटतम पशु औषधालय, पशु चिकित्सालय में संपर्क करने कहा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर भोपाल में राज्य स्तरीय रोग नियंत्रण कक्ष के दूरभाष क्रमांक जारी किए गए।  0755-2767583 और टोल फ्री नंबर 1962 नंबर है। 

मध्यप्रदेश के 26 से ज्यादा जिलों में मवेशियों में लंपी वायरस फैल चुका है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब 8 हजार से ज्यादा मवेशी संक्रमित हुए हैं। इनमें से 5432 मवेशी ठीक हो चुके हैं। करीब 100 की मौत हुई है। हालांकि जानकारों का दावा है कि प्रदेश में 3 हजार से ज्यादा मवेशियों की लंपी वायरस से मौत हो चुकी है। अधिकारियों की तरफ से बताया गया कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग मध्यप्रदेश द्वारा प्रदेश में रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए अलर्ट जारी कर विशेष सतर्कता रखी जा रही है। संक्रमित क्षेत्रों तथा जिलों में पशुओं का सघन टीकाकरण तथा चिकित्सा कार्य किया जा रहा है। 

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में लंपी वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में गौमाताएं बड़ी संख्या में संक्रमित और तड़प-तड़प कर मर रही है। सरकार ने समय रहते जो आवश्यक कदम उठाने थे, वह अब तक नहीं उठाए हैं। सरकार तो पिछले कई दिनों से चीता इवेंट में ही लगी रही। अभी यदि वो चीता इवेंट से बाहर निकल गई है तो उसे प्रदेश में गौ माताओं की सुध लेना चाहिए। कमलनाथ ने कहा कि मैं सरकार से मांग करता हूं सरकार इस संबंध में तत्काल आवश्यक सभी कदम उठाएं। 

 
यह है लक्षण-
लंपी वायरस से संक्रमित पशुओं के शरीर में गठानें निकलती हैं। बुखार के साथ ही मवेशियों के नाक से पानी आता है। यह बीमारी मच्छर और मक्खियों से दूसरे पशुओं तक पहुंचती है।
 
इन जिलों पुष्टि-
लैब में सैंपल जांच में रतलाम, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, इंदौर, खंडवा और बैतूल जिले में लंपी वायरस की पुष्टि हो गई है। इसके अलावा भिंड, मुरैना, श्योपुर, अलीराजपुर, खरगौन, बड़वानी, हरदा, धार, बुरहानपुर, आगर मालवा और झाबुआ में मवेशियों में लंपी वायरस के लक्षण दिखे है।
 
लक्षण दिखे तो यह करें-
यदि मवेशियों में लंपी वायरस के लक्षण दिखे तो उनको तुरंत दूसरे मवेशियों से अलग कर दें। जहां मवेशियों को रख रहे है, वहां अच्छी साफ सफाई रखें। मवेशियों को एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र लेकर ना जाए। गाय का दूध उबाल कर ही उपयोग करें।

विस्तार

मध्यप्रदेश में लंपी वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। अब तक प्रदेश के 26 जिलों में लंपी वायरस दस्तक दे चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार से बढ़ते संक्रमण को लेकर गंभीर कदम उठाने की मांग की। वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने लंपी वायरस से पशुओं को बचाने के लिए मुफ्त टीका लगाने की बात कही है।  

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को लंपी वायरस की रोकथाम के कार्यों की समीक्षा को लेकर बैठक बुलाई है। बैठक में सीएम ने कहा कि गौ-सेवक, जनप्रतिनिधि और समाज के बाकी लोग हम सब मिलकर बीमारी को रोकना है। करना क्या है? हम उस पर चिवार कर लेंगे। उसके बाद मैं जनता के नाम एक अपील जारी करुंगा कि यह सावधानी रखना है क्योंकि अब यह 26 जिलों में है संक्रमण फैला है,हमें बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। क्योंकि यह हमारी ड्यूटी है कि हम इस बीमारी को खत्म करें। 

सीएम ने कहा कि मेरा मानना है कि इसे बहुत गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। पड़ोसी राज्यों में जिस तरह गाय और बाकी पशुओं की मृत्यु हुई वह दृश्य हमने देखे हैं। किसी भी कीमत पर हमें उस स्थिति को पैदा नहीं होने देना है। यह एक तरीके से पशुओं में कोविड जैसा ही है। कई चीजों से यह फैलता है। मक्खी से, मच्छरों से, आपस में मिलने से, साथ रहने से, यह फैलने वाली संक्रामक बीमारी है। इसे बहुत गंभीरता से लेने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में पशुओं को लंपी वायरस से बचाने के लिए पशुओं को मुफ्त टीका लगाया जाएगा। 

बैठक में सीएम ने कहा कि पशु पालकों को उपायों की जानकारी दें। ग्राम सभा बुला कर सूचित करें। उन्होंने गौ शालााओं में टीकाकरण तेज करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंपी वायरस संक्रमण की बीमारी को गंभीरता से लें। इसे छिपाए नहीं। पशु पालकों को जागरूक करें। उन्होंने संक्रमित पशुओं का आवागमन प्रतिबंधित करने को भी कहा। बैठक में मुख्य सचिव, एसीएस पशुपालन, पीएस मुख्यमंत्री समेत संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। 

मुख्यमंत्री ने पशुओं में लंपी वायरस रोग के लक्षण दिखाई देने पर पशु पालकों को निकटतम पशु औषधालय, पशु चिकित्सालय में संपर्क करने कहा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर भोपाल में राज्य स्तरीय रोग नियंत्रण कक्ष के दूरभाष क्रमांक जारी किए गए।  0755-2767583 और टोल फ्री नंबर 1962 नंबर है। 


मध्यप्रदेश के 26 से ज्यादा जिलों में मवेशियों में लंपी वायरस फैल चुका है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब 8 हजार से ज्यादा मवेशी संक्रमित हुए हैं। इनमें से 5432 मवेशी ठीक हो चुके हैं। करीब 100 की मौत हुई है। हालांकि जानकारों का दावा है कि प्रदेश में 3 हजार से ज्यादा मवेशियों की लंपी वायरस से मौत हो चुकी है। अधिकारियों की तरफ से बताया गया कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग मध्यप्रदेश द्वारा प्रदेश में रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए अलर्ट जारी कर विशेष सतर्कता रखी जा रही है। संक्रमित क्षेत्रों तथा जिलों में पशुओं का सघन टीकाकरण तथा चिकित्सा कार्य किया जा रहा है। 

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में लंपी वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में गौमाताएं बड़ी संख्या में संक्रमित और तड़प-तड़प कर मर रही है। सरकार ने समय रहते जो आवश्यक कदम उठाने थे, वह अब तक नहीं उठाए हैं। सरकार तो पिछले कई दिनों से चीता इवेंट में ही लगी रही। अभी यदि वो चीता इवेंट से बाहर निकल गई है तो उसे प्रदेश में गौ माताओं की सुध लेना चाहिए। कमलनाथ ने कहा कि मैं सरकार से मांग करता हूं सरकार इस संबंध में तत्काल आवश्यक सभी कदम उठाएं। 

 
यह है लक्षण-
लंपी वायरस से संक्रमित पशुओं के शरीर में गठानें निकलती हैं। बुखार के साथ ही मवेशियों के नाक से पानी आता है। यह बीमारी मच्छर और मक्खियों से दूसरे पशुओं तक पहुंचती है।
 
इन जिलों पुष्टि-
लैब में सैंपल जांच में रतलाम, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, इंदौर, खंडवा और बैतूल जिले में लंपी वायरस की पुष्टि हो गई है। इसके अलावा भिंड, मुरैना, श्योपुर, अलीराजपुर, खरगौन, बड़वानी, हरदा, धार, बुरहानपुर, आगर मालवा और झाबुआ में मवेशियों में लंपी वायरस के लक्षण दिखे है।
 
लक्षण दिखे तो यह करें-
यदि मवेशियों में लंपी वायरस के लक्षण दिखे तो उनको तुरंत दूसरे मवेशियों से अलग कर दें। जहां मवेशियों को रख रहे है, वहां अच्छी साफ सफाई रखें। मवेशियों को एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र लेकर ना जाए। गाय का दूध उबाल कर ही उपयोग करें।


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