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: MP News: जनपद ऑफिस के बाथरूम में मिली आयरन की एक्सपायरी टेबलेट, CEO ने कहा- मुझे नहीं जानकारी

News Desk / Mon, Dec 5, 2022


बाथरूम में मिली आयरन की एक्सपायरी टेबलेट

बाथरूम में मिली आयरन की एक्सपायरी टेबलेट - फोटो : अमर उजाला

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शहडोल जिले के बुढार जनपद पंचायत कार्यालय परिसर में स्थित बाथरूम में भारी मात्रा में कालातीत आयरन टेबलेट फेंक दी गई हैं, जिसे शासकीय विद्यालयों में किशोरियों और गर्भवती महिलाओं को वितरित करने के लिए शासन की ओर से भेजा गया था। लेकिन  महिलाओं और बालिकाओं के लिए अमृत कही जाने वाली आयरन एंड फोलिक एसिड की टेबलेट उन तक नहीं पहुंची और अफसरों की लापरवाही से वह रखे-रखे ही कालातीत हो गई, जिसके बाद अपनी गलती छुपाने के लिए सैकड़ों पत्ते आयरन की एक्सपायरी दवाइयां जनपद पंचायत के बाथरूम में फेंक दी गई।

सरकार की ओर से बच्चियों और गर्भवती माताओं के शरीर में आयरन की कमी न हो, इसके लिए आयरन की गोली मुफ्त गोली वितरित करने के किए भेजी जाती है। लेकिन स्थानीय अफसरों और विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण ही शायद जरूरतमंदों तक यह दवाएं नहीं पहुंच पा रही हैं, जिसका नतीजा यह निकल रहा है कि महिलाओं और बालिकाओं में खून की कमी के मामले बढ़ते जा रहे हैं।

गंभीरता से जांच हो तो...
अब अगर प्रशासन के आलाधिकारी इसे गंभीरता से लेकर जांच कराएं तो यह साफ हो सकता है कि यह दवाइयां कब आई थीं और किन केंद्रों के माध्यम से इसका वितरण किया जाना था। अगर समय रहते यह दवाइयां जरूरतमंदों को वितरित कर दी जातीं, तब शायद उन्हें इसका लाभ भी मिल जाता और सरकार का पैसा यूं बर्बाद नहीं होता। इस संबंध में जनपद पंचायत बुढार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुद्रिका सिंह इन दवाइयों के जनपद परिसर में फेंके जाने से अपने आपको अनजान बता रहे हैं। बहरहाल, अब किसकी गलती से ऐसा हुआ यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा।

विस्तार

शहडोल जिले के बुढार जनपद पंचायत कार्यालय परिसर में स्थित बाथरूम में भारी मात्रा में कालातीत आयरन टेबलेट फेंक दी गई हैं, जिसे शासकीय विद्यालयों में किशोरियों और गर्भवती महिलाओं को वितरित करने के लिए शासन की ओर से भेजा गया था। लेकिन  महिलाओं और बालिकाओं के लिए अमृत कही जाने वाली आयरन एंड फोलिक एसिड की टेबलेट उन तक नहीं पहुंची और अफसरों की लापरवाही से वह रखे-रखे ही कालातीत हो गई, जिसके बाद अपनी गलती छुपाने के लिए सैकड़ों पत्ते आयरन की एक्सपायरी दवाइयां जनपद पंचायत के बाथरूम में फेंक दी गई।

सरकार की ओर से बच्चियों और गर्भवती माताओं के शरीर में आयरन की कमी न हो, इसके लिए आयरन की गोली मुफ्त गोली वितरित करने के किए भेजी जाती है। लेकिन स्थानीय अफसरों और विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण ही शायद जरूरतमंदों तक यह दवाएं नहीं पहुंच पा रही हैं, जिसका नतीजा यह निकल रहा है कि महिलाओं और बालिकाओं में खून की कमी के मामले बढ़ते जा रहे हैं।

गंभीरता से जांच हो तो...
अब अगर प्रशासन के आलाधिकारी इसे गंभीरता से लेकर जांच कराएं तो यह साफ हो सकता है कि यह दवाइयां कब आई थीं और किन केंद्रों के माध्यम से इसका वितरण किया जाना था। अगर समय रहते यह दवाइयां जरूरतमंदों को वितरित कर दी जातीं, तब शायद उन्हें इसका लाभ भी मिल जाता और सरकार का पैसा यूं बर्बाद नहीं होता। इस संबंध में जनपद पंचायत बुढार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुद्रिका सिंह इन दवाइयों के जनपद परिसर में फेंके जाने से अपने आपको अनजान बता रहे हैं। बहरहाल, अब किसकी गलती से ऐसा हुआ यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा।


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