Logo
Breaking News Exclusive
अतिक्रमण हटाने के बाद बदली उदंती सीता नदी अभ्यारण्य की तस्वीर, 143 फॉरेस्ट बीट में सख्त निगरानी व्यवस्था बेडरूम में पत्नी को गला घोंटकर मार डाला, मुंह से खून निकलने तक दबाया, जानवरों जैसे नाखूनों से नोचा MP में 'पिस्टल' लहराकर कट मारते निकले; सड़क पर बिछी तीनों की लाशें 8 साल के बच्चे के सामने पिता को मार डाला, दौड़ा-दौड़ाकर चाकू मारे; जान बचाने गली-गली भागता रहा इनमें 16 महिलाएं; रेस्क्यू के दौरान दूसरा ब्लास्ट, बचाव में जुटे 13 लोग घायल इंजन-ट्रॉली के नीचे दबे; डिंडौरी से गिट्टी लेने आए थे, जेसीबी से निकाले गए शव युवक की मौत के बाद 3 घंटे चक्काजाम, 5 घंटे एंबुलेंस का इंतजार, BMO हटाए गए धीरू टोला के काव्य जायसवाल ने 12वीं बोर्ड में 86.20% लाकर किया टॉप, अब फॉरेंसिक साइंस बनेगा सपना 20 मीटर तक चीखते-चिल्लाते भागते नजर आया, पेट्रोल-पंप से डिब्बे में खरीदा था तेल गरियाबंद में 'नेताजी' या सिस्टम निगल गया, सरकारी खजाने से पैसे गायब, धरातल पर विकास लापता अतिक्रमण हटाने के बाद बदली उदंती सीता नदी अभ्यारण्य की तस्वीर, 143 फॉरेस्ट बीट में सख्त निगरानी व्यवस्था बेडरूम में पत्नी को गला घोंटकर मार डाला, मुंह से खून निकलने तक दबाया, जानवरों जैसे नाखूनों से नोचा MP में 'पिस्टल' लहराकर कट मारते निकले; सड़क पर बिछी तीनों की लाशें 8 साल के बच्चे के सामने पिता को मार डाला, दौड़ा-दौड़ाकर चाकू मारे; जान बचाने गली-गली भागता रहा इनमें 16 महिलाएं; रेस्क्यू के दौरान दूसरा ब्लास्ट, बचाव में जुटे 13 लोग घायल इंजन-ट्रॉली के नीचे दबे; डिंडौरी से गिट्टी लेने आए थे, जेसीबी से निकाले गए शव युवक की मौत के बाद 3 घंटे चक्काजाम, 5 घंटे एंबुलेंस का इंतजार, BMO हटाए गए धीरू टोला के काव्य जायसवाल ने 12वीं बोर्ड में 86.20% लाकर किया टॉप, अब फॉरेंसिक साइंस बनेगा सपना 20 मीटर तक चीखते-चिल्लाते भागते नजर आया, पेट्रोल-पंप से डिब्बे में खरीदा था तेल गरियाबंद में 'नेताजी' या सिस्टम निगल गया, सरकारी खजाने से पैसे गायब, धरातल पर विकास लापता

: MP News: फर्जी आईडी प्रूफ से GST पंजीयन प्राप्त कर कागजों में चल रही थी पांच फर्म, टेरर फंडिंग में मामला दर्ज

News Desk / Wed, Dec 28, 2022


नरोत्तम मिश्रा (फाइल फोटो)

नरोत्तम मिश्रा (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

ख़बर सुनें

स्टेट जीएसटी ने प्रदेश की आठ फर्म का मामला एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड को सौंपा है। यह फर्म फर्जी आईडी प्रूफ से जीएसटी पंजीयन प्राप्त कर कागजों में चल रही थी। यह ना माल मंगाती ना बेचती फिर भी बिल जारी कर रही थी। नगद लेनदेन के चलते टेरर फंडिंग की आंशका के चलते एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
 
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि जीएसटी के पंजीयन के फर्जी दस्तावेजों के सबूत मिले है। जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी का पंजीयन प्राप्त कर लिया था। वह भौतिक रूप से कोई व्यवसाय नहीं कर रहे थे। कागजों पर अपना व्यापार चला रहे थे। यह फेक बिलिंग भी करते थे। ऐसा प्रथम दृष्टया पाया गया है। ऐसी 8 फर्म पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसमें पांच इंदौर, दो भोपाल और एक ग्वालियर की फर्म है। पुलिस फर्जी आईडी प्रूफ कहां और कैसे बनाया, इसकी जांच भी कर रही हैं। नाम पते फर्जी यह सब जांच के अंदर लिए गए है।
 
बता दें  गलत तरीके से टैक्स क्रेडिट लेने वाली फर्मो पर राज्य जीएसटी विभाग की नजर लंबे समय से थी। जिसके बाद इन फर्मों पर छापामार कार्रवाई की गई। यह कंपिनयां ना माल मंगा रही थी ना ही भेज रही थी। फर्जी बिलों से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) जनरेट कर रही थी। फिर आईटीसी को किसी अन्य फर्म को ट्रांसफर कर नगद राशि ले लेते थे। इसे ही ही सर्कुलर क्रेडिट कहते हैं। 
 

विस्तार

स्टेट जीएसटी ने प्रदेश की आठ फर्म का मामला एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड को सौंपा है। यह फर्म फर्जी आईडी प्रूफ से जीएसटी पंजीयन प्राप्त कर कागजों में चल रही थी। यह ना माल मंगाती ना बेचती फिर भी बिल जारी कर रही थी। नगद लेनदेन के चलते टेरर फंडिंग की आंशका के चलते एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
 
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि जीएसटी के पंजीयन के फर्जी दस्तावेजों के सबूत मिले है। जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी का पंजीयन प्राप्त कर लिया था। वह भौतिक रूप से कोई व्यवसाय नहीं कर रहे थे। कागजों पर अपना व्यापार चला रहे थे। यह फेक बिलिंग भी करते थे। ऐसा प्रथम दृष्टया पाया गया है। ऐसी 8 फर्म पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसमें पांच इंदौर, दो भोपाल और एक ग्वालियर की फर्म है। पुलिस फर्जी आईडी प्रूफ कहां और कैसे बनाया, इसकी जांच भी कर रही हैं। नाम पते फर्जी यह सब जांच के अंदर लिए गए है।
 
बता दें  गलत तरीके से टैक्स क्रेडिट लेने वाली फर्मो पर राज्य जीएसटी विभाग की नजर लंबे समय से थी। जिसके बाद इन फर्मों पर छापामार कार्रवाई की गई। यह कंपिनयां ना माल मंगा रही थी ना ही भेज रही थी। फर्जी बिलों से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) जनरेट कर रही थी। फिर आईटीसी को किसी अन्य फर्म को ट्रांसफर कर नगद राशि ले लेते थे। इसे ही ही सर्कुलर क्रेडिट कहते हैं। 
 

Source link

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन