: MP News: पिछड़ा वर्ग के युवाओं को जापान भेजकर ट्रेंड करेगी मध्यप्रदेश सरकार, कैबिनेट ने दी प्रस्ताव को मंजूरी
News Desk / Mon, Dec 5, 2022
शिवराज कैबिनेट (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें
विस्तार
मध्यप्रदेश सरकार ने पिछड़ा वर्ग के और अल्पसंख्यक युवाओं को ट्रेनिंग के लिए जापान भेजने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत करीब दो सौ बच्चों को जापान भेजा जाएगा। वहां उन्हें तीन से पांच साल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें जापानी भाषा सिखाई जाएगी। प्रत्येक युवा पर दो लाख रुपये खर्च होंगे। राज्य सरकार अपनी ओर से आधी राशि देगी और आधी राशि लाभार्थी से ली जाएगी। सरकार ने इस योजना के तहत छह करोड़ रुपये का खर्च सुनिश्चित किया है।
यह फैसला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में लिया गया। इस दौरान कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पिछड़ा वर्ग के बच्चों को विदेश भेजने के लिए ट्रेंड किया जाएगा। यह काफी महत्वपूर्ण योजना है। इसके जरिये हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित कर्मचारी बना सकेंगे। राज्य सरकार ने इसके साथ ही पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के युवाओं के लिए स्वरोजगार योजना के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। स्वरोजगार योजना में पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक युवाओं को स्वरोजगार के लिए यूनिट स्थापित करने के लिए एक से पचास लाख रुपये और सेवा क्षेत्र में एक से 25 लाख रुपये तक का लोन उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत परिवार की आय अधिकतम 12 लाख रुपये सालाना तय की गई है। बैंक के लोन पर सरकार सात साल तक तीन प्रतिशत ब्याज अनुदान देगी। इसमें नवीन स्वरोगार योजना की भी सहायता दी जाएगी। इसमें 10 हजार से 1 लाख रुपये तक का लोन भी शामिल होगा। इसके लोन पर भी सात साल तक तीन प्रतिशत ब्याज अनुदान सरकार देगी।
इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी
- 226 सिविल अस्पताल, उप स्थास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है।
- जर्जर इमारतों को तोड़कर उनकी जगह बहुमंजिला इमारत बनाने की री-डेवलपमेंट पॉलिसी को मंजूरी दी। तीस साल पुराने भवनों को तोड़कर दोबारा बनाया जाएगा। पांच प्रतिशत अधिक फ्लोर एरिया रेश्यो (FAR) मिलेगा।
- उज्जैन के पास कान्ह नदी का प्रदूषित पानी क्षिप्रा में नहीं मिले, इसके लिए 598 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी गई।
- प्रदेश के आठ शहरों में जनवरी-फरवरी में होने वाले खेलो इंडिया गेम्स के लिए 178 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
Source link
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन