: MP News: बिजली संविदा-आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त कराने नारायण त्रिपाठी ने सीएम से की मांग
News Desk / Mon, Jan 23, 2023
नारायण त्रिपाठी - फोटो : Social Media
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बिजली कंपनी के संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार से लगातार जारी है। इसको लेकर प्रदेश में बिजली व्यवस्था के चरमारने की आशंका है। अब इस मामले में मैहर से बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त कराने उनकी मांगों का निराकरण करने को कहा है। नारायण त्रिपाठी ने सीएम को लिखे पत्र में कहा कि बिजली कंपनी के संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों की लगातार जारी हड़ताल से बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। विंध्य क्षेत्र में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। विद्युत सुधार कार्य व जले ट्रांसफार्मर बदलने का काम भी बंद है। हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। हड़ताल के कारण हो रही अव्यवस्था के कारण जनता को हो रही परेशानी के दुष्परिणा आगामी विधानसभा चुनाव में भोगने पड़ सकते हैं।कर्मचारियों को नियमित करने पर करें विचार
विधायक ने मुख्यमंत्री से निवेदन करते हुए कहा कि प्रदेश की बिजली कंपनियों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित करने पर विचार करें। क्योंकि वह लगातार 10 वर्षों से पूरी मेहनत के साथ विद्युत व्यवस्था को दुरूरत कर रहे हैं। इनके नियमितिकरण से सरकार पर बहुत ज्यादा वित्तीय भार नहीं आयेगा। उन्होंने पत्र के माध्यम से कहा कि मैं आपके संज्ञान में लाना चाहता हूं कि इन कर्मचारियों से प्रत्येक तीन वर्षों में नवीन अनुबंध के लिए उच्चधिकारियों द्वारा ब्लैकमेल किया जाता है, जो कि उचित नहीं है। अत्याधिक कर्मचारी वर्तमान में ओवर एज हो चुके हैं एवं अत्याधिक कार्य के दबाव में होने के कारण अब किसी अन्य परीक्षा की तैयारी भी नहीं कर सकते हैं। इसलिए इनको नियमित करने पर गंभीरता से विचार किया जाए।
सुरक्षा सुविधा के लिए भी कुछ नहीं
विधायक ने कहा कि वर्तमान में इन कर्मचारियों के लिए विभाग/ कंपनियों के द्वारा कोई अन्य सुरक्षा सुविधा व कोई प्रशिक्षण इत्यादि भी नहीं दिया जाता है। जिसके कारण विद्युत दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही हैं। इन कर्मचारियों की मृत्यु के बाद मात्र चार लाख रुपए दिये जाते हैं। जो कि उनके परिवार के जीवनयापन के लिए पर्याप्त नहीं है। इन कर्मचारियों को 45 वर्ष की आयु के बाद निकाल दिया जाता है। जबकि शासकीय कर्मचारियों की आयु 62 वर्ष हैं। अत: आपसे निवेदन है कि विद्युत कंपनियों के संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों की मांगों का अतिशीघ्र समुचित निराकरण कर हड़ताल को समाप्त कराने की कृपा करें।
हमारी सरकार चर्चा के लिए तैयार
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर बोले उनकी यूनियन के साथ हमारी बैठकें की है। उनके हित में जो हम कर सकते हैं, वह हम करेंगे। पर हड़ताल समाधान नहीं है। चर्चा से समाधान निकलना चाहिए। हमारी सरकार चर्चा के लिए तैयार है। जो हम कर सकते हैं, वह जरूर करेंगे।
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