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: MP News: मध्य प्रदेश में सिंघार और सावरकर के मुद्दों पर बवाल, क्या पड़ेगा राहुल की भारत जोड़ो यात्रा पर असर?

News Desk / Tue, Nov 22, 2022


भारत जोड़ो यात्रा

भारत जोड़ो यात्रा - फोटो : सोशल मीडिया

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एमपी के बुरहानपुर से राहुल गांधी की यात्रा शुरू हो गई है। इससे पहले बीजेपी को उन्हें घेरने के लिए दो बड़े मुद्दे मिले गए हैं। उमंग सिंघार के खिलाफ दुष्कर्म का मामला और वीर सावरकर के मुद्दे पर बीजेपी फ्रंटफुट पर बैटिंग कर रही है। दुष्कर्म केस में फंसे सिंघार पर कांग्रेसियों ने चुप्पी साध ली है। वहीं, वीर सावरकर को लेकर हिंदू संगठन के लोग राहुल गांधी के खिलाफ हैं। बुरहानपुर में सावरकर के पोस्टर लग गए हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या राहुल गांधी के मिशन को इन दोनों मुद्दों से एमपी में कांग्रेस को झटका लगा है?
 
राहुल गांधी की यात्रा मालवा निमाड़ से निकल रही है। आदिवासी वर्ग से आने वाले सिंघार की विधानसभा भी इसी क्षेत्र में है। वह गुजरात विधानसभा चुनाव के सह प्रभारी हैं। इससे पहले झारखंड चुनाव के सह प्रभारी थे। उनको राहुल गांधी का करीबी माना जाता है। दिग्विजय सिंह से भिड़ने के बाद भी पार्टी में उन्हें लगातार बड़ी जिम्मेदारियां मिलती रही है। इससे कांग्रेस में उनकी पकड़ का अंदाजा लगाया जा सकता है। सिंगार कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री रहीं यमुना देवी के भतीजे हैं। यमुना देवी की भी दिग्विजय सिंह से बनती नहीं थी। राहुल गांधी की यात्रा के एमपी में आने से पहले कांग्रेस की ही पदाधिकारी और उनकी पत्नी का उनके खिलाफ शिकायत करना कई सवाल खड़े करता है। इसे कांग्रेस की इंटरनल पॉलिटिक्स भी बताया जा रहा है। बीजेपी की नजर आदिवासी वर्ग पर है। इसलिए बीजेपी इस मुद्दे को भुनाना चाहती है।

 
दूसरा सावरकर को लेकर राहुल के बयान को भी बीजेपी एमपी में एंटी हिंदू के मुद्दे में बदलना चाहती है। यही वजह है कि बुराहनपुर से लेकर इंदौर तक हिंदू संगठन सावरकर के बयान को लेकर राहुल का विरोध कर रहे हैं। बीजेपी की योजना इस मुद्दे से कांग्रेस और राहुल की हिंदू वाली छवि को नुकसान पहुंचाना है। इसी के तहत मैं भी वीर सावरकर का अभियान चला रही है। सावरकर के मुखौटे पहनकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इससे बीजेपी भारत जोड़ो यात्रा का प्रभाव भी बढ़ने से रोकना चाहती है।
 
वरिष्ठ पत्रकार अरुण दीक्षित का कहना है कि राहुल की यात्रा पर उमंग सिंघार और वीर सावरकर के मुद्दे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ना है। महाराष्ट्र में वीर सावरकर को लेकर बयानबाजी कांग्रेस की सोची समझी रणनीति है। उमंग सिंघार का पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी उनके खिलाफ ऐसी चीजें आई है, जिसका असर उनके राजनीतिक जीवन पर नहीं पड़ा है। वह तीन बार के विधायक हैं। बीजेपी मुद्दा बनाना चाहती हैं और इसके लिए सुनियोजित तरीके से काम कर रही है। इसके पीछे बीजेपी का मकसद आदिवासी वोट बैंक का साधना है। दोनों ही मुद्दे में बीजेपी को कोई खास फायदा होते दिखता नहीं है।
 
बता दें इस मामले की शिकायत दिल्ली तक पहुंच गई है। उमंग सिंघार की पत्नी ने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी है। वहीं, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने प्रियंका गांधी से सवाल किया है। उन्होंने कहा है कि प्रियंका गांधी बेटी है तो लड़ेगी, ये अभियान दे रहीं थीं अरे प्रियंका जी ये मध्य प्रदेश पूछ रहा है? आपके उमंग सिंघार कांग्रेस के विधायक, मैं गुजरात के चुनाव में हूं  गुजरात के चुनाव के सह प्रभारी हैं। उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी।
 

विस्तार

एमपी के बुरहानपुर से राहुल गांधी की यात्रा शुरू हो गई है। इससे पहले बीजेपी को उन्हें घेरने के लिए दो बड़े मुद्दे मिले गए हैं। उमंग सिंघार के खिलाफ दुष्कर्म का मामला और वीर सावरकर के मुद्दे पर बीजेपी फ्रंटफुट पर बैटिंग कर रही है। दुष्कर्म केस में फंसे सिंघार पर कांग्रेसियों ने चुप्पी साध ली है। वहीं, वीर सावरकर को लेकर हिंदू संगठन के लोग राहुल गांधी के खिलाफ हैं। बुरहानपुर में सावरकर के पोस्टर लग गए हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या राहुल गांधी के मिशन को इन दोनों मुद्दों से एमपी में कांग्रेस को झटका लगा है?
 
राहुल गांधी की यात्रा मालवा निमाड़ से निकल रही है। आदिवासी वर्ग से आने वाले सिंघार की विधानसभा भी इसी क्षेत्र में है। वह गुजरात विधानसभा चुनाव के सह प्रभारी हैं। इससे पहले झारखंड चुनाव के सह प्रभारी थे। उनको राहुल गांधी का करीबी माना जाता है। दिग्विजय सिंह से भिड़ने के बाद भी पार्टी में उन्हें लगातार बड़ी जिम्मेदारियां मिलती रही है। इससे कांग्रेस में उनकी पकड़ का अंदाजा लगाया जा सकता है। सिंगार कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री रहीं यमुना देवी के भतीजे हैं। यमुना देवी की भी दिग्विजय सिंह से बनती नहीं थी। राहुल गांधी की यात्रा के एमपी में आने से पहले कांग्रेस की ही पदाधिकारी और उनकी पत्नी का उनके खिलाफ शिकायत करना कई सवाल खड़े करता है। इसे कांग्रेस की इंटरनल पॉलिटिक्स भी बताया जा रहा है। बीजेपी की नजर आदिवासी वर्ग पर है। इसलिए बीजेपी इस मुद्दे को भुनाना चाहती है।
 
दूसरा सावरकर को लेकर राहुल के बयान को भी बीजेपी एमपी में एंटी हिंदू के मुद्दे में बदलना चाहती है। यही वजह है कि बुराहनपुर से लेकर इंदौर तक हिंदू संगठन सावरकर के बयान को लेकर राहुल का विरोध कर रहे हैं। बीजेपी की योजना इस मुद्दे से कांग्रेस और राहुल की हिंदू वाली छवि को नुकसान पहुंचाना है। इसी के तहत मैं भी वीर सावरकर का अभियान चला रही है। सावरकर के मुखौटे पहनकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इससे बीजेपी भारत जोड़ो यात्रा का प्रभाव भी बढ़ने से रोकना चाहती है।
 
वरिष्ठ पत्रकार अरुण दीक्षित का कहना है कि राहुल की यात्रा पर उमंग सिंघार और वीर सावरकर के मुद्दे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ना है। महाराष्ट्र में वीर सावरकर को लेकर बयानबाजी कांग्रेस की सोची समझी रणनीति है। उमंग सिंघार का पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी उनके खिलाफ ऐसी चीजें आई है, जिसका असर उनके राजनीतिक जीवन पर नहीं पड़ा है। वह तीन बार के विधायक हैं। बीजेपी मुद्दा बनाना चाहती हैं और इसके लिए सुनियोजित तरीके से काम कर रही है। इसके पीछे बीजेपी का मकसद आदिवासी वोट बैंक का साधना है। दोनों ही मुद्दे में बीजेपी को कोई खास फायदा होते दिखता नहीं है।
 
बता दें इस मामले की शिकायत दिल्ली तक पहुंच गई है। उमंग सिंघार की पत्नी ने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी है। वहीं, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने प्रियंका गांधी से सवाल किया है। उन्होंने कहा है कि प्रियंका गांधी बेटी है तो लड़ेगी, ये अभियान दे रहीं थीं अरे प्रियंका जी ये मध्य प्रदेश पूछ रहा है? आपके उमंग सिंघार कांग्रेस के विधायक, मैं गुजरात के चुनाव में हूं  गुजरात के चुनाव के सह प्रभारी हैं। उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी।
 

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