मंत्री गोपाल भार्गव और उर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर
- फोटो : सोशल मीडिया
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मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार के एक मंत्री इन दिनों जूते-चप्पल नहीं पहन रहे हैं। खास बात यह भी है कि यह कोई पहला मौका नहीं है, जब मंत्री ने जूते और चप्पल छोड़े हों। इससे पहले भी वह जूते चप्पल छोड़ चुके हैं। इस बार भी मंत्री जी इसी बात से नाराज हैं, क्योंकि वह अपने विधानसभा क्षेत्र की जर्जर सड़कों को नहीं बनवा पा रहे हैं। ऐसे में उन्होंने संकल्प लिया है कि जब तक यह सड़कें दुरुस्त नहीं हो जाती, तब तक वह जूते चप्पल नहीं पहनेंगे। लेकिन अब शिवराज सरकार के एक और कद्दावर मंत्री ने कहा, वह अपने साथी को जल्द ही चप्पल पहनाएंगे।
अक्सर अपने अनोखे कामों से चर्चा में रहने वाले शिवराज सरकार में उर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एक बार फिर चर्चा में हैं। क्योंकि उन्होंने जूते चप्पल छोड़ दिए हैं। उन्होंने अपने क्षेत्र में सड़कों की खराब स्थिति और सड़कों का निर्माण नहीं होने की वजह से जूते-चप्पल का त्याग किया है। मंत्री का कहना है कि जब तक सड़कें ठीक नहीं हो जाती, तब तक वह चप्पल जूते नहीं पहनेंगे। इस मुद्दे पर शिवराज सरकार के लोक निर्माण विभाग मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा, वह जल्द ही मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को चप्पल पहनाएंगे।
प्रद्युम्न सिंह तोमर को चप्पल पहनाएंगे मंत्री भार्गव...
मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा, जल्द ही वह इस मामले का पटाक्षेप करेंगे। मंत्री भार्गव ने खंडवा में कहा, हमारे ऊर्जा मंत्री बेहद संवेदनशील और कर्मठ हैं। अगर उन्होंने सड़कों के कारण चप्पलें छोड़ी हैं तो मैं उन्हें चप्पल भी पहनाऊंगा और सड़कें भी बनवाऊंगा। गोपाल भार्गव शिवराज सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री हैं। ऐसे में प्रदेश की सड़कों की जिम्मेदारी उन्हीं के पास है, जिससे मंत्री ने जल्द ही सड़कें दुरुस्त करने की बात कही है।
मीडिया रिपोट्स के मुताबिक, जब उनसे पूछा गया कि मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अधिकारियों को काम नहीं करने पर माला पहनाकर अपनी नाराजगी जताते हैं। इस पर गोपाल भार्गव ने कहा, अधिकारियों को माला पहनाना कोई बुरी बात नहीं है। लेकिन जनप्रतिनिधि या मंत्रीगण कहीं भी अफसरों के सामने बेबस नहीं हैं।
नंगे पैर चल रहे मंत्री तोमर...
मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह ने उनके क्षेत्र में सड़कें नहीं बनने को लेकर जूते-चप्पल त्याग दिए हैं, जिससे पूरे प्रदेश वह चर्चा में बने हुए हैं। वे पथरीली सड़कों पर नंगे पैर ही चलते नजर आ रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि वे अपनी ही सरकार के खिलाफ अघोषित लड़ाई लड़ रहे हैं।
खास बात यह है कि कोई पहला मौका नहीं है, जब वह अपने इस तरह के कामों से चर्चा में हैं। इससे पहले भी कभी मंत्री नाली में उतरकर सफाई करने को लेकर चर्चा में रहते हैं तो कभी लोगों के जरूरी काम करने को लेकर भी उनकी चर्चा होती है। प्रद्युम्न सिंह तोमर ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे, जिसके बाद उन्हें शिवराज सरकार में मंत्री बनाया गया था।
विस्तार
मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार के एक मंत्री इन दिनों जूते-चप्पल नहीं पहन रहे हैं। खास बात यह भी है कि यह कोई पहला मौका नहीं है, जब मंत्री ने जूते और चप्पल छोड़े हों। इससे पहले भी वह जूते चप्पल छोड़ चुके हैं। इस बार भी मंत्री जी इसी बात से नाराज हैं, क्योंकि वह अपने विधानसभा क्षेत्र की जर्जर सड़कों को नहीं बनवा पा रहे हैं। ऐसे में उन्होंने संकल्प लिया है कि जब तक यह सड़कें दुरुस्त नहीं हो जाती, तब तक वह जूते चप्पल नहीं पहनेंगे। लेकिन अब शिवराज सरकार के एक और कद्दावर मंत्री ने कहा, वह अपने साथी को जल्द ही चप्पल पहनाएंगे।
अक्सर अपने अनोखे कामों से चर्चा में रहने वाले शिवराज सरकार में उर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एक बार फिर चर्चा में हैं। क्योंकि उन्होंने जूते चप्पल छोड़ दिए हैं। उन्होंने अपने क्षेत्र में सड़कों की खराब स्थिति और सड़कों का निर्माण नहीं होने की वजह से जूते-चप्पल का त्याग किया है। मंत्री का कहना है कि जब तक सड़कें ठीक नहीं हो जाती, तब तक वह चप्पल जूते नहीं पहनेंगे। इस मुद्दे पर शिवराज सरकार के लोक निर्माण विभाग मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा, वह जल्द ही मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को चप्पल पहनाएंगे।