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: MP News: फिल्म पुरस्कार समारोह, राष्ट्रपति ने मध्यप्रदेश को दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से किया सम्मानित

News Desk / Fri, Sep 30, 2022


फिल्म पुरस्कार समारोह

फिल्म पुरस्कार समारोह - फोटो : अमर उजाला

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में मध्यप्रदेश को दो अवॉर्ड से सम्मानित किया। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री उषा ठाकुर ने ‘मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट’ और प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने नॉन फीचर फिल्म में बेस्ट एथनोग्राफिक फिल्म श्रेणी में ‘मांदल के बोल’ के लिए रजत कमल पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्राप्त किए। 

साथ ही फिल्म ‘मांदल के बोल’ के निर्देशक श्री राजेंद्र जांगले को भी रजत कमल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 22 जुलाई 2022 को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा की थी।

मंत्री ठाकुर ने कहा कि मध्यप्रदेश को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का पुरस्कार मिलना पूरे प्रदेश के लिए सम्मान का पल है। इसके लिए पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ साथ प्रदेश की जनता का भी योगदान है, जिनके कला और कलाकारों के प्रति प्रेम ने प्रदेश को फिल्म फिल्मांकन के लिए अनुकूल बनाया है।

प्रमुख सचिव शुक्ला ने कहा कि प्रदेश की फिल्म नीति में फिल्मकारों को अनुदान, लोक सेवा गारंटी में समय सीमा में अनुमति प्रदाय, सिंगल विंडो सिस्टम आदि आकर्षक पहलुओं को शामिल किया है। मध्यप्रदेश अपने नैसर्गिक सौंदर्य और आकर्षक लोकेशन से फिल्मकारों को अनायास ही अपनी ओर आकर्षित करता है। यह पुरस्कार हमारे लिए फिल्मकारों को और अधिक सुविधा और सहायता देने के लिए प्रेरणा का कार्य करेगा।

मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट अवॉर्ड पाने वाले मध्यप्रदेश में अब तक 350 से ज्यादा फिल्म, सीरियल, वेब सीरिज सहित अन्य परियोजनोओं की शूटिंग हो चुकी है। वर्तमान में पांच फिल्म प्रोजेक्ट पिंच, तिवारी, चंदेरी हैंडलूम द वोवेन मोटिफ्स, महल, द मास्टर स्क्वॉड, करतम भुगतम, पराक्रम की शूटिंग वर्तमान में चल रही है।

  • मध्यप्रदेश फिल्म पॉलिसी की खास बातें...
  • मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जिसने परियोजनाओं की अनुमतियों को लोक सेवा गारंटी अधिनियम में शामिल किया है। अधिनियम के तहत 15 कामकाजी दिवसों में फिल्म शूटिंग की अनुमति का प्रावधान है।
  • एमपी पहला ऐसा राज्य है, जिसने फिल्म निति के अंतर्गत दिए जाने वाले अनुदान में वेब सीरीज, ओटीटी ओरिजिनल कंटेंट, टीवी सीरियल एवं डॉक्यूमेंट्री को शामिल किया है। 
  • प्रदेश में सभी फिल्मांकन अनुमतियों के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस की सुविधा उपलब्ध है। फिल्म पर्यटन नीति को जिला स्तर पर क्रियान्वित करने के लिए प्रत्येक जिले में एडीएम स्तर के अधिकारी को फिल्माकन अनुमति हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
  • मध्यप्रदेश को थिएटर हब कहा जाता है। यहां वरिष्ठ और कनिष्ठ दोनों ही कलाकारों की उपलब्धता है। फिल्म निति अंतर्गत राज्य के स्थानीय कलाकारों के लिए अतिरिक्त वित्तीय अनुदान सहित फिल्म क्रू का पर्यटन विभाग के होटल एवं रिसॉर्ट में ठहरने पर छूट का प्रावधान है। साथ ही राज्य में फिल्म उद्योग के विकास के लिए फिल्म सिटी, फिल्म स्टूडियो, कौशल विकास केंद्र आदि स्थापित करने हेतु निजी निवेश को प्रोत्साहन एवं आरक्षित भूमि इत्यादि के लिए प्रावधान है।

विस्तार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में मध्यप्रदेश को दो अवॉर्ड से सम्मानित किया। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री उषा ठाकुर ने ‘मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट’ और प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने नॉन फीचर फिल्म में बेस्ट एथनोग्राफिक फिल्म श्रेणी में ‘मांदल के बोल’ के लिए रजत कमल पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्राप्त किए। 

साथ ही फिल्म ‘मांदल के बोल’ के निर्देशक श्री राजेंद्र जांगले को भी रजत कमल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 22 जुलाई 2022 को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा की थी।


मंत्री ठाकुर ने कहा कि मध्यप्रदेश को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का पुरस्कार मिलना पूरे प्रदेश के लिए सम्मान का पल है। इसके लिए पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ साथ प्रदेश की जनता का भी योगदान है, जिनके कला और कलाकारों के प्रति प्रेम ने प्रदेश को फिल्म फिल्मांकन के लिए अनुकूल बनाया है।

प्रमुख सचिव शुक्ला ने कहा कि प्रदेश की फिल्म नीति में फिल्मकारों को अनुदान, लोक सेवा गारंटी में समय सीमा में अनुमति प्रदाय, सिंगल विंडो सिस्टम आदि आकर्षक पहलुओं को शामिल किया है। मध्यप्रदेश अपने नैसर्गिक सौंदर्य और आकर्षक लोकेशन से फिल्मकारों को अनायास ही अपनी ओर आकर्षित करता है। यह पुरस्कार हमारे लिए फिल्मकारों को और अधिक सुविधा और सहायता देने के लिए प्रेरणा का कार्य करेगा।

मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट अवॉर्ड पाने वाले मध्यप्रदेश में अब तक 350 से ज्यादा फिल्म, सीरियल, वेब सीरिज सहित अन्य परियोजनोओं की शूटिंग हो चुकी है। वर्तमान में पांच फिल्म प्रोजेक्ट पिंच, तिवारी, चंदेरी हैंडलूम द वोवेन मोटिफ्स, महल, द मास्टर स्क्वॉड, करतम भुगतम, पराक्रम की शूटिंग वर्तमान में चल रही है।

  • मध्यप्रदेश फिल्म पॉलिसी की खास बातें...
  • मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जिसने परियोजनाओं की अनुमतियों को लोक सेवा गारंटी अधिनियम में शामिल किया है। अधिनियम के तहत 15 कामकाजी दिवसों में फिल्म शूटिंग की अनुमति का प्रावधान है।
  • एमपी पहला ऐसा राज्य है, जिसने फिल्म निति के अंतर्गत दिए जाने वाले अनुदान में वेब सीरीज, ओटीटी ओरिजिनल कंटेंट, टीवी सीरियल एवं डॉक्यूमेंट्री को शामिल किया है। 
  • प्रदेश में सभी फिल्मांकन अनुमतियों के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस की सुविधा उपलब्ध है। फिल्म पर्यटन नीति को जिला स्तर पर क्रियान्वित करने के लिए प्रत्येक जिले में एडीएम स्तर के अधिकारी को फिल्माकन अनुमति हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
  • मध्यप्रदेश को थिएटर हब कहा जाता है। यहां वरिष्ठ और कनिष्ठ दोनों ही कलाकारों की उपलब्धता है। फिल्म निति अंतर्गत राज्य के स्थानीय कलाकारों के लिए अतिरिक्त वित्तीय अनुदान सहित फिल्म क्रू का पर्यटन विभाग के होटल एवं रिसॉर्ट में ठहरने पर छूट का प्रावधान है। साथ ही राज्य में फिल्म उद्योग के विकास के लिए फिल्म सिटी, फिल्म स्टूडियो, कौशल विकास केंद्र आदि स्थापित करने हेतु निजी निवेश को प्रोत्साहन एवं आरक्षित भूमि इत्यादि के लिए प्रावधान है।

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