: Project Cheetah: 12 चीतों को लाने वाले विशेष विमान ने भरी उड़ान, भारत की धरती पर शिवरात्रि को उतरेंगे
News Desk / Wed, Feb 15, 2023
12 नए चीते 18 फरवरी को भारत पहुंचेंगे। इन्हें लेने विशेष विमान दक्षिण अफ्रीका के लिए उड़ चुका है - फोटो : फाइल फोटो
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भारत की धरती पर 12 नए चीते पहुंचने वाले हैं। इन्हें लाने के लिए विशेष विमान हिंडन एयरबेस से उड़ान भर चुका है। विमान 17 फरवरी की रात 8 बजे दक्षिण अफ्रीका से उड़ान भरकर 18 फरवरी यानी शिवरात्रि की सुबह ग्वालियर एयरपोर्ट पर उतरेगा। यहां से इन चीतों को कूनो नेशनल पार्क ले जाया जाएगा।बता दें कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में 8 चीते छोड़े गए थे। ये नामीबिया से लाए गए थे। अब चीतों की दूसरी खेप शनिवार को भारत पहुंच जाएगी। इस बार 7 नर और पांच मादा चीतों को लाया जा रहा है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने जानकारी दी कि चीतों को लाने के लिए वायु सेना का विशेष विमान सी-17 ग्लोबमास्टर गुरुवार सुबह रवाना हो चुका है। यह विमान 17 फरवरी की रात 8 बजे दक्षिण अफ्रीका से उड़ान भरकर 18 फरवरी को सुबह 10 बजे ग्वालियर एयरपोर्ट पर उतरेगा। चीतों के साथ उसी विमान से वेटरनरी डॉक्टर और विशेषज्ञ डॉक्टर लारेल भी आएंगी। रक्षा मंत्रालय और वायु सेना ने साउथ अफ्रीका से चीतों को लाने के लिए पर्यावरण मंत्रालय से किसी भी तरह की फीस नहीं ली है।
यादव ने कहा कि दक्षिण अफ्रीकी चीते सबसे पहले शनिवार सुबह मध्य प्रदेश में ग्वालियर वायु सेना के अड्डे पर पहुंचेंगे और 30 मिनट बाद उन्हें भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा लगभग 165 किमी दूर श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया जाएगा। फिर उन्हें क्वारंटाइन के लिए बने विशेष बाड़ों में छोड़ा जाएगा।
10 से 12 चीते हर साल भारत लाए जाएंगे
केंद्रीय वन पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि फरवरी में इन 12 चीतों के आने के बाद अगले आठ से 10 साल में सालाना 12 चीतों को देश में लाने की योजना है। समझौता ज्ञापन की शर्तों की प्रासंगिकता सुनिश्चित करने के लिए हर पांच साल में इसकी समीक्षा की जाएगी।
बता दें कि 52 साल पहले भारत से चीते विलुप्त मान लिए गए थे। शनिवार को भारत आने वाले चीतों के स्थानांतरण के लिए पिछले माह दक्षिण अफ्रीका के साथ एक करार हुआ था। दक्षिण अफ्रीका ने भारत को ये चीते दान किए हैं। भारत को प्रत्येक चीता को स्थानांतरित करने से पहले वहां पकड़ने के लिए 3000 अमरीकी डॉलर का भुगतान करना पड़ता है।
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