: Bharat Jodo Yatra: आखिर क्यों राहुल गांधी के सभा की तुलना PM मोदी से हो रही, 48 दिन पहले आए थे
News Desk / Tue, Nov 29, 2022
सार
राहुल गांधी की सभा की तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हो रही है। डेढ़ महीने पहले प्रधानमंत्री ने उज्जैन में जिस तरह पूजा की, आमसभा ली, वैसा ही अंदाज राहुल गांधी का भी नजर आया। आइए जानते हैं आखिर क्या समानता है दोनों की उज्जैन यात्रा में।
File photo - फोटो : SOCIAL MEDIA
ख़बर सुनें
विस्तार
महाकाल लोक का लोकार्पण करने के लिए 48 दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्जैन आए थे और सभा ली थी। उसी अंदाज में राहुल गांधी उज्जैन में दिखे। मोदी की तरह महाकाल की पूजा के बाद वे आमसभा को संबोधित करने पहुंचे। मोदी के अंदाज में ही राहुल नंदी हाॅल में ध्यान मुद्रा में बैठे। राहुल पहले भी उज्जैन आए हैं, लेकिन उनके साथ गर्भ गृह में अन्य नेता भी होते थे, लेकिन बुधवार को राहुल अकेले गर्भ गृह में गए। बाकी नेता बाहर बैठे थे। प्रधानमंत्री मोदी जब पूजा करने आए थे, तब भी दूसरे नेता नंदी हाॅल में बैठे रहे थे। उन्होंने अकेले महाकाल की पूजा की।
दोनों ने जय महाकाल के साथ शुरू किया भाषण...
प्रधानमंत्री मोदी महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद आमसभा में गए थे। उन्होंने भाषण से पहले दो बार महाकाल का जयघोष किया। राहुल गांधी ने भी दो बार जय महाकाल बोला। मोदी ने अपने भाषण में कई बार महाकाल और उज्जैन का उल्लेख किया। राहुल गांधी ने भी आठ बार महाकाल को जिक्र अपने भाषण में किया। मोदी ने अपने भाषण में देश के संस्कृति, इतिहास का उल्लेख कर भविष्य में होने वाले विकास की बात की। राहुल ने भी हिन्दू धर्म, अध्यात्म और तपस्या का जिक्र बार-बार करते हुए देश के तपस्वियों का सम्मान नहीं होने की बात कही।
मोदी की तरह ही की पूजा...
प्रधानमंत्री ने उज्जैन में सभा के पहले मंदिर में पूजा की थी। सफेद धोती, भगवा रंग का कपड़ा शरीर पर धारण किया था। गले में रुद्राक्ष की माला और सिर पर त्रिपुट भी उन्होंने लगाया था। राहुल भी धोती और लाल रंग का कपड़ा शरीर पर ओढ़ कर मंदिर आए। उनके भी गले में रुद्राक्ष की माला और सिर पर त्रिपुट लगा था। मोदी की तरह वे भी पूजा के बाद सीधे सभा स्थल पर पहुंचे
राहुल नहीं गए महाकाल लोक...
प्रधानमंत्री ने 11 अक्टूबर को महाकाल लोक का लोकापर्ण किया था। उन्होंने करीब एक घंटा महाकाल लोक के अवलोकन में भी बिताया, लेकिन राहुल गांधी ने भाषण में न तो महाकाल लोक का उल्लेख किया और न ही वे उसका भ्रमण करने गए। पूजा के बाद राहुल सीधे सभास्थल पर चले गए। आपको बता दें कि साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये खर्च कर महाकाल लोक बनाया गया है, जिसे देखने के लिए काफी भीड़ आ रही है।
Source link
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन