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: Satna: जिला अस्पताल में भर्ती मरीज को प्राइवेट में ले गया एंबुलेंस चालक, वहां पैसे ऐंठकर भी नहीं किया इलाज

News Desk / Wed, Nov 30, 2022


सतना में मरीज को निजी अस्पताल से पैसे ऐंठकर दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दे दी।

सतना में मरीज को निजी अस्पताल से पैसे ऐंठकर दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दे दी। - फोटो : सोशल मीडिया

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मध्य प्रदेश में थोड़े से रुपयों के लिए मरीजों की जान से कैसे खिलवाड़ किया जाता है, उसका उदाहरण सतना से सामने आया है। एक एंबुलेंस चालक ने जिला अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों को गुमराह कर निजी हॉस्पिटल ले गया। वहां न तो डॉक्टर मिले न ठीक इलाज। मरीज के परिजनों से रुपये ऐंठे गए और शाम को दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दे दी गई। जिसके बाद परिजन मरीज को फिर से सतना जिला अस्पताल लेकर आए। हालांकि मामले में कहीं शिकायत नहीं की गई है। 

  बता दें कि सतना जिले के जैतवारा रेलवे स्टेशन में महाकौशल ट्रेन से गिरने के बाद घायल मरीज को जैतवारा जीआरपी की मदद से सतना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन मरीज को एम्बुलेंस संचालक ने गुमराह कर शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। जहां डॉक्टर की ही व्यवस्था नहीं थी। सुबह से शाम तक इलाज के इंतजार में मरीज भर्ती रहा। इस दौरान उसके परिजनों से अस्पताल वालों ने 17 हजार रुपये ऐंठ लिए। जब मरीज के परिजनों ने इलाज के लिए दबाव डाला तो उसे किसी दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दे दी गई। परिजन आखिरकार लौटकर जिला अस्पताल पहुंचे। 

बताया गया कि ये सारा खेल निजी अस्पताल और एंबुलेंस चालक की मिलीभगत से चल रहा है। एंबुलेंस चालक को मरीजों को लाने पर निजी अस्पताल से कमीशन दिया जाता है। इसी कमीशन के लालच में मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। हालांकि मामले में परिजनों ने कहीं शिकायत नहीं की है। 

 

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मध्य प्रदेश में थोड़े से रुपयों के लिए मरीजों की जान से कैसे खिलवाड़ किया जाता है, उसका उदाहरण सतना से सामने आया है। एक एंबुलेंस चालक ने जिला अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों को गुमराह कर निजी हॉस्पिटल ले गया। वहां न तो डॉक्टर मिले न ठीक इलाज। मरीज के परिजनों से रुपये ऐंठे गए और शाम को दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दे दी गई। जिसके बाद परिजन मरीज को फिर से सतना जिला अस्पताल लेकर आए। हालांकि मामले में कहीं शिकायत नहीं की गई है। 

 


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