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: शहडोल लोकसभा में विधायक पर भारी पड़ी सांसद: बीजेपी से दूसरी बार जीती हिमाद्री सिंह, 3 लाख 97 हजार 340 वोटों से हारे फुंदेलाल मार्को

MP CG Times / Wed, Jun 5, 2024

Shahdol Lok Sabha Election Result 2024 BJP Himadri Singh defeats Congress candidate Fundelal: मध्य प्रदेश के शहडोल में बीजेपी की हिमाद्री सिंह ने 3 लाख 97 हजार 340 वोटों से जीत दर्ज की है. उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार फुंदेलाल सिंह मार्को को हराया. हिमाद्री सिंह को जहां 7 लाख 11 हजार 143 वोट मिले, वहीं कांग्रेस को 3 लाख 13 हजार 803 वोट मिले, जबकि नोटा को भी यहां 19 हजार 361 वोट मिले. शहडोल से हिमाद्री सिंह दूसरी बार चुनाव जीती हैं. इस लोकसभा सीट पर पहले चरण में 19 अप्रैल को वोटिंग हुई थी. इस बार कुल 64.68 फीसदी वोट पड़े. इस सीट पर मुख्य मुकाबला बीजेपी की हिमाद्री सिंह और कांग्रेस पार्टी के फुंदेलाल सिंह मार्को के बीच है. साल 2019 में भी इस सीट पर मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवारों के बीच ही था. उस समय बीजेपी के टिकट पर ज्ञान सिंह चुनाव लड़ रहे थे. उन्होंने 4 लाख 81 हजार 398 वोट पाकर जीत हासिल की थी. वहीं, कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहीं हिमाद्री दलबीर सिंह 4 लाख 21 हजार वोट पाकर 60 हजार वोटों से चुनाव हार गईं। वर्ष 2019 में इस सीट पर 74.77 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार मतदान में करीब 10 प्रतिशत की कमी आई है। मतदान प्रतिशत में कमी का कारण चुनाव में मतदाताओं की अरुचि बताया जा रहा है। वहीं, वोट प्रतिशत में आई इस कमी से दोनों ही पार्टियां सशंकित हो गई हैं। राजनीतिक पंडित भी यह अनुमान नहीं लगा पा रहे हैं कि कम हुए वोट किसके हैं। आठ विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर बने इस लोकसभा क्षेत्र में एक विधायक कांग्रेस से है। वहीं, शेष सात विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। यहां कोटमा को छोड़कर अन्य सभी विधानसभा सीटें आदिवासियों के लिए आरक्षित हैं। भाजपा ने लगातार दो बार इस सीट पर कब्जा इस लोकसभा सीट पर कभी किसी पार्टी का दबदबा नहीं रहा है। हालांकि, 1996 के बाद से भाजपा की स्थिति काफी मजबूत नजर आ रही है। 2009 में यह सीट कांग्रेस के पास थी, लेकिन 2014 और 2019 में यहां से भाजपा के ही उम्मीदवार जीतते आ रहे हैं। नर्मदा का उद्गम स्थल है यह लोकसभा क्षेत्र पवित्र नर्मदा के खूबसूरत तट पर स्थित यह लोकसभा सीट उमरिया और अनूपपुर जिले की विधानसभा सीटों को मिलाकर बनी है। इसका कुछ हिस्सा शहडोल और विदिशा जिले का भी है। नर्मदा का उद्गम स्थल भी इसी लोकसभा क्षेत्र में है। सामाजिक दृष्टि से झाबुआ के बाद सबसे ज्यादा आदिवासी इसी लोकसभा क्षेत्र में रहते हैं। Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

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