सीहोर का कुबरेश्वर धाम फिर चर्चा में है। कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा आयोजित शिव महापुराण कथा और रुद्राक्ष वितरण महोत्सव का पहला दिन अव्यवस्थाओं की बलि चढ़ गया। रुद्राक्ष लेने के लिए दस लाख लोगों की भीड़ उमड़ गई। इससे इंदौर-भोपाल हाईवे पर 20 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। लोग दस-दस घंटों में जाम में फंसे रहे। जाम में फंसे लोगों की हालत खराब हो गई। न खाने को मिला न पीने को पानी। जिनके साथ बच्चे थे, उन्हें तो ये सफर जिंदगी भर याद रहने वाला है।
बच्चे प्यास से बिलखते रहे
इंदौर से भोपाल के लिए कार से रवाना हुए अशोक वर्मा ने बताया कि भोपाल के आगे परिवार में मांगलिक कार्य था। पत्नी आरती और चार साल की बेटी वैष्णवी के साथ सुबह निकले थे। देवास के बाद से गाड़ियां बढ़ने लगीं. धीरे-धीरे जाम की स्थिति बन गई। कब हम फंस गए पता ही नहीं चला। न आगे जा पा रहे थे, न पीछे। कुछ देर तो इंतजार किया कि थोड़ी देर ही सही, जाम से निकल ही जाएंगे। पर रेंगती हजारों गाड़ियों के कारण ये संभव नहीं हो पाया। दोपहर के वक्त साथ लाया पानी खत्म हो गया। अब बच्ची प्यास के मारे परेशान होने लगी। समझ नहीं आ रहा था, कहीं कोई व्यवस्था नहीं थी।
अफसोस क्यों आए सड़क मार्ग से
भोपाल के नयापुरा-कोलार में रहने वाले लखनलाल विश्वकर्मा का कहना है कि कार से दोस्त के परिवार के साथ इंदौर जा रहे थे। याद ही नहीं रहा कि सीहोर में कथा शुरू हो गई है। पिछले साल का किस्सा सुना था। जब हम जाम में फंस गए तब सड़क मार्ग से आने का अफसोस हुआ। दोस्त कांतिलाल जैन ने बताया कि बुजुर्ग माता-पिता को इंदौर में रिश्तेदारी में जाना था। जाम की हालात में माता-पिता को कैसे संभाला मैं ही जानता हूं। ये सफर जिंदगी भर याद रहेगा। घंटों परेशान होना पड़ा। शुक्र रहा कि पानी हम साथ लाए थे। लोगों को परेशान होते देखा है।
भीड़ की वजह से सीएम ने रद्द किया कार्यक्रम
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दोपहर तीन बजे कथा सुनने जाने वाले थे। सुबह से अव्यवस्थाओं और ट्रैफिक जाम की खबरें आने के बाद चौहान ने अपना कार्यक्रम निरस्त कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जरूर 18 फरवरी को कथा सुनने कुबेरेश्वर धाम पहुंच सकते हैं।