: Ujjain News: अवसाद जादू-टोना या भूत-प्रेत नहीं है, अंधविश्वास दूर करने हेल्पलाइन नंबर जारी
News Desk / Sun, Feb 26, 2023
उज्जैन में मानसिक सेहत पर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। - फोटो : अमर उजाला
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मानसिक स्वास्थ्य को लेकर आमतौर पर लोग जागरूक नहीं हैं। बदलते परिवेश में मानसिक रोगियों की संख्या बढ़ रही है। अवसाद समेत कई मानसिक रोगों के शिकार लोग समाज और परिवार में उपेक्षित रहते हैं। ऐसे रोगियों को डॉक्टर और दवा की जरूरत समझने में देरी होती है। ग्रामीण इलाकों में तो इसे बीमारी ही नहीं माना जाता। अंधविश्वास के चक्कर में लोग झाड़-फूंक या तांत्रिक के चक्कर में फंस जाते हैं। लोगों को जागरूक करना जरूरी है। उज्जैन में परिवर्तन नशा मुक्ति केंद्र एक अभियान चला रहा है। ऐसे रोगियों की पहचान कर इलाज की बात कही जा रही है।
परिवर्तन नशा मुक्ति केंद्र उज्जैन एवं निर्मला कॉलेज उज्जैन ने नशामुक्ति और मानसिक रोग की जागरूकता के लिए वर्कशॉप, परिवर्तन नशा मुक्ति केंद्र में आयोजित की गई। परिवर्तन नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र उज्जैन के डायरेक्टर कुमार वैभव और निर्मला कॉलेज के डायरेक्टर फादर डॉ एंटोनी जोसेफ निरप्पेल ने परिवर्तन नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र में नशामुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य पर वर्कशॉप एवं ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया। स्टूडेंट्स और सेवार्थियों के बीच जागरूकता की। चौबीस घंटे काम करने वाला फ्री हेल्पलाइन नंबर 98263-33600 भी जारी किया गया।
परिवर्तन नशामुक्ति केंद्र के डायरेक्टर कुमार वैभव ने बताया कि मानसिक रोग भी अन्य रोगों की तरह ही है, जो ठीक हो सकते हैं। प्रत्येक मानसिक रोगी पागल नहीं होते हैं। कई तो महज काउंसलिंग से ही ठीक हो जाते हैं। उन्हें दवा की जरूरत नहीं होती है। मानसिक रोगी का इलाज लंबा चलता है।
काउंसलिंग से भी ठीक हो जाते हैं मनोरोगी
नशा मुक्ति केंद्र में मनोवैज्ञानिक डॉक्टरों की टीम के साथ, सोशल वर्कर, ओपीडी के दो पाली में विभाग में मरीजों को देखा जा रहा है। अब तक हजारों मानसिक रोगी यहां से इलाज करवा चुके हैं। इलाज काफी लंबा चलता है। अवसाद के मरीजों की संख्या अधिक युवाओं में अवसाद और मंदबुद्धि बच्चों की संख्या सबसे अधिक है। यहां पहुंचने वाले मानसिक रोगियों में साइकोसिस, डिप्रेशन, न्यूरोसिस, भूलने की बीमारी, मंदबुद्धि, मिरगी, नशापान की आदत वाले आदि शामिल रहते हैं।
यह है मानसिक रोग के लक्षण
मानसिक रोग के लक्षण बहुत अलग नहीं होते। सामान्य लक्षणों में ही पहचान करनी होती है। मानसिक रोग के लक्षणों में सिर दर्द, नींद कम या ज्यादा, चिड़चिड़ापन, उदासी, गुस्सा, डर लगना, शक संदेह करना, साफ-सफाई ज्यादा करना, नशा पान करना, विचित्र अनुभव करना, अजीब विचार या व्यवहार, मानसिक तनाव, अजीबोगरीब आवाजें सुनाई पड़ना, सेक्स संबंधी समस्याएं, मिर्गी का दौरा, बार-बार बेहोशी आना, बुद्धि कम होना, आत्महत्या का ख्याल आना, बच्चों की व्यवहारात्मक समस्याएं, भूलना या याददाश्त की कमी, झाड़-फूंक या तांत्रिक के पास जाने की इच्छा, बिना कारण के हंसना, रोना, खुद से बातें करना, खुद को अलग-अलग रखना आदि शामिल है। इसके लक्षण मिलने पर गहन जांच और चिकित्सा की जरूरत होती है।
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