Logo
Breaking News Exclusive
कारोबारी बोला- शराब ठेका के बदले 50 लाख कैश, 50 लाख खाते में लिए; देवड़ा ने पद से हटाया MP हाईकोर्ट ने 27% आरक्षण का कानून रद्द किया, अब 14% ही रहेगा; कमलनाथ ने बढ़ाया था आरक्षण बंद घर से 5 दिन बाद उठी दुर्गंध तो खुला राज, मायके ले जाने आई थी मां, पति पर करतूत का शक लड़कियों ने पासेस के प्रचार के लिए बनाया वीडियो, बजरंग दल पहुंचा SP दफ़्तर, कार्रवाई की मांग मंत्री ने शिविर में गिनाईं उपलब्धियां, लौटते वक्त PM आवास हितग्राही का रेत-ट्रैक्टर जब्त कर लिया ओवरटेक करते समय पिकअप से टकराई बाइक, ट्रक के पहिए तले कुचला; भड़के ग्रामीणों का चक्काजाम 70 KM दूर कलेक्टर से मिलने निकले 200 बच्चे, 15 KM चले, पीछे-पीछे चलती रहीं बसें, अफसरों की नहीं सुनी कॉलोनी की गलियों में घूमते दिखा, देखकर भागे बिजली कर्मी; रातभर अंधेरे में रहे रहवासी 4 घंटे तक ठप रखा था अमरकंटक हाईवे, कॉलेज में बस और सड़क के लिए किया था प्रदर्शन  भुवनेश्वर की 4 साल बाद Team India में वापसी, New Zealand T20 Squad में Vaibhav Suryavanshi बरकरार कारोबारी बोला- शराब ठेका के बदले 50 लाख कैश, 50 लाख खाते में लिए; देवड़ा ने पद से हटाया MP हाईकोर्ट ने 27% आरक्षण का कानून रद्द किया, अब 14% ही रहेगा; कमलनाथ ने बढ़ाया था आरक्षण बंद घर से 5 दिन बाद उठी दुर्गंध तो खुला राज, मायके ले जाने आई थी मां, पति पर करतूत का शक लड़कियों ने पासेस के प्रचार के लिए बनाया वीडियो, बजरंग दल पहुंचा SP दफ़्तर, कार्रवाई की मांग मंत्री ने शिविर में गिनाईं उपलब्धियां, लौटते वक्त PM आवास हितग्राही का रेत-ट्रैक्टर जब्त कर लिया ओवरटेक करते समय पिकअप से टकराई बाइक, ट्रक के पहिए तले कुचला; भड़के ग्रामीणों का चक्काजाम 70 KM दूर कलेक्टर से मिलने निकले 200 बच्चे, 15 KM चले, पीछे-पीछे चलती रहीं बसें, अफसरों की नहीं सुनी कॉलोनी की गलियों में घूमते दिखा, देखकर भागे बिजली कर्मी; रातभर अंधेरे में रहे रहवासी 4 घंटे तक ठप रखा था अमरकंटक हाईवे, कॉलेज में बस और सड़क के लिए किया था प्रदर्शन  भुवनेश्वर की 4 साल बाद Team India में वापसी, New Zealand T20 Squad में Vaibhav Suryavanshi बरकरार

: MP News: नोएडा की कंपनी ने बाइक टैक्सी में निवेश के नाम पर भोपाल के सैकड़ों लोगों से ठगी की

News Desk / Thu, Oct 20, 2022


बाइक टैक्सी के नाम पर भोपाल में ठगी

बाइक टैक्सी के नाम पर भोपाल में ठगी - फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

भोपाल में बाइक टैक्सी में निवेश के नाम पर नोएडा की कंपनी ने सैकड़ों  लोगों के साथ ठगी की है। कंपनी ने तीन गुना फायदे का लालच दिया। इसके बाद 50 हजार से ढाई लाख रुपए निवेश कराया और 65 करोड़ रुपए से ज्यादा लेकर कंपनी के लोग फरार हो गए। भोपाल के 50 से अधिक लोगों की शिकायत पर ईओडब्ल्यू ने प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।
 
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने भोपाल के 50 से अधिक ठगी के शिकार लोगों की शिकायत पर केस दर्ज किया है। इसमें कंपनी के चार डायरेक्टर संजय भाटी, सुनील प्रजापति, राजेश भारद्वाज और करणपाल सिंह को आरोपी बनाया है। आरोप है कि इन लोगों ने गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड के नाम से कंपनी बनाकर 2017 से 2019 के बीच लोगों को तीन गुना फायदे का लालच देकर निवेश कराया। इसके बाद राशि लेकर फरार हो गया। ईओडब्ल्यू ने धोखाधड़ी और अमानत में ख्यानत की धारा लगाई गई।
 
जानकारी के अनुसार कंपनी ने बाइट बोट के नाम से योजना शुरू की थी। इसमें लोगों से 50 हजार से ढाई लाख रुपए तक निवेश कराए गए। उन्हें विश्वास दिलाया कि उनको बाइक खरीदकर दी जाएगी और टैक्सी पर लगाकर उनकी कमाई होगी। साथ ही उनकी निवेश की राशि भी लौटाई जाएगी। दो साल बाद कंपनी के संचालक सैकड़ों लोगों का पैसा लेकर फरार हो गए। उन्होंने अपने मोबाइल भी बंद कर दिए। ईओडब्ल्यू एसपी राजेश कुमार मिश्र ने बताया कि इस मामले में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। इसकी जांच शुरू कर दी गई है।

 

विस्तार

भोपाल में बाइक टैक्सी में निवेश के नाम पर नोएडा की कंपनी ने सैकड़ों  लोगों के साथ ठगी की है। कंपनी ने तीन गुना फायदे का लालच दिया। इसके बाद 50 हजार से ढाई लाख रुपए निवेश कराया और 65 करोड़ रुपए से ज्यादा लेकर कंपनी के लोग फरार हो गए। भोपाल के 50 से अधिक लोगों की शिकायत पर ईओडब्ल्यू ने प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।
 
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने भोपाल के 50 से अधिक ठगी के शिकार लोगों की शिकायत पर केस दर्ज किया है। इसमें कंपनी के चार डायरेक्टर संजय भाटी, सुनील प्रजापति, राजेश भारद्वाज और करणपाल सिंह को आरोपी बनाया है। आरोप है कि इन लोगों ने गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड के नाम से कंपनी बनाकर 2017 से 2019 के बीच लोगों को तीन गुना फायदे का लालच देकर निवेश कराया। इसके बाद राशि लेकर फरार हो गया। ईओडब्ल्यू ने धोखाधड़ी और अमानत में ख्यानत की धारा लगाई गई।
 
जानकारी के अनुसार कंपनी ने बाइट बोट के नाम से योजना शुरू की थी। इसमें लोगों से 50 हजार से ढाई लाख रुपए तक निवेश कराए गए। उन्हें विश्वास दिलाया कि उनको बाइक खरीदकर दी जाएगी और टैक्सी पर लगाकर उनकी कमाई होगी। साथ ही उनकी निवेश की राशि भी लौटाई जाएगी। दो साल बाद कंपनी के संचालक सैकड़ों लोगों का पैसा लेकर फरार हो गए। उन्होंने अपने मोबाइल भी बंद कर दिए। ईओडब्ल्यू एसपी राजेश कुमार मिश्र ने बताया कि इस मामले में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। इसकी जांच शुरू कर दी गई है।

 


Source link

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन