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: MP News: पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों के परिजनों की आंखे भर आईं, डीजीपी ने दी श्रद्धांजलि

News Desk / Thu, Oct 20, 2022


राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान पर पुलिस स्मृति दिवस पर सेवा के दौरान जान गंवाने वाले पुलिस अधिकारी और जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। शहीद स्मारक पर पुष्प चढ़ाने के बाद शहीदों को शस्त्र उलटे कर सलामी दी गई। यहां शहीद हुए 16 जवानों की फोटो भी लगाई गई, जिसे देखकर उनके परिजनों की आंखे भर आई। पुलिस प्रशासन ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिवार का सम्मान किया। अधिकारियों ने परिजनों से मुलाकात कर उनकी हाल-चाल जाना। कार्यक्रम में राज्यपाल नहीं पहुंचे, उनके संदेश का आईजी इरशाद वली ने वाचन किया।

 

पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना ने शहीदों के परिजनों को भरोसा दिलाया कि उनके साथ मध्यप्रदेश सरकार, पुलिस प्रशासन और संपूर्ण समाज है। समाज में शांति सद्भाव और भाईचारे के वातावरण को मजबूत रखने से ही विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने देश और प्रदेश के सभी शहीद पुलिस अधिकारियों और जवानों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस,अपर मुख्य सचिव गृह डॉ राजेश राजौरा तथा भोपाल महापौर मालती राय भी मौजूद थी।
 

 
 

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि 21 अक्टूबर देश की अखंडता की रक्षा तथा आंतरिक सुरक्षा को बनाये रखने में पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों के बलिदान की स्मृति का दिन है। साल 1959 में 21 अक्टूबर के दिन 16 हजार फीट की ऊंचाई पर लद्दाख के दुर्गम हॉट स्प्रिंग्स में उप निरीक्षक करम सिंह के नेतृत्व में सीआरपीएफ के गश्ती दल की टुकड़ी के 10 जवान चीनी सेना के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गये थे। उन्हीं की कर्तव्य परायणता एवं राष्ट्र रक्षा के लिए किए गए प्राणोत्सर्ग की स्मृति में देश की सभी पुलिस इकाइयां 21 अक्टूबर का दिन पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाती हैं। हमारे मध्यप्रदेश पुलिस के वीर जवानों व अधिकारियों ने भी कश्मीर से लेकर तमिलनाडू और गोवा से लेकर नागालैंड तक अपनी सेवाएं और शहादत दी है।
 
 

इस वर्ष ड्यूटी के दौरान हमारे 16 जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। शहीद कर्मियों में कार्यवाहक निरीक्षक स्व.  कचरूलाल राठौर, उप निरीक्षक, स्व. राजकुमार जाटव, सहायक उप निरीक्षक स्व. सुरेश चौहान, उप निरीक्षक स्व. विनोद शंकर यादव, कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक स्व. बलीराम धाकड़, प्रधान आरक्षक स्व. नीरज भार्गव, प्रधान आरक्षक स्व. बच्चू सिंह जाट, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक स्व. मानसिंह भूरा, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक स्व. राजेन्द्र सिंह यादव, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक स्व. लक्ष्मीनारायण गौर, आरक्षक स्व. अमरदीप चौधरी, आरक्षक चालक स्व. रणजीत डोडवे, आरक्षक स्व. संतराम मीना, आरक्षक स्व. सत्येन्द्र सिंह दांगी, आरक्षक स्व. कमलेन्द्र यादव एवं आरक्षक स्व. ऋषिकेश गुर्जर शामिल हैं।
 

 

डीजीपी ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस पर हम सब अपने इन साथियों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं। साथ ही उनके परिजनों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि आप सब हमारे पुलिस परिवार का हिस्सा हैं तथा सदैव बने रहेंगे। प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ है। मध्यप्रदेश पुलिस हर हाल में शांति, कानून-व्यवस्था और विकास के माहौल को कायम रखने के लिए दृढ़ संकल्पित है। आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर हमारी पुलिस कुशलता और संवेदनशीलता से निरंतर काम कर रही है।
 
उन्होंने कहा कि मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं भविष्य में भी इसी सक्षम निष्ठा से हम सेवाएं देते रहेंगे। मैं प्रदेश की शांतिप्रिय जनता को भी धन्यवाद ज्ञापित करना चाहूंगा जिसके अनुशासित एवं भाईचारा पूर्ण आचरण से आज हमारे प्रदेश की देश में साख बनी है।
 
मध्यप्रदेश में पुलिस जवानों और अधिकारियों की लगातार कठिन ड्यूटी को देखते हुए उनके परिजनों की सुख-सुविधाओं और कल्याण के प्रति सरकार का पूरा ध्यान है। शहीद के परिजनों की आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार सहायता एवं सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए विभाग दृढसंकल्पित है। राष्ट्र रक्षा के लिए वीरगति को प्राप्त हुए जवानों का प्राणोत्सर्ग सदैव राष्ट्रप्रेम के उच्च प्रतिमान स्थापित करने हेतु हमें प्रेरणा देगा। उन्होंने कहा कि मैं एक बार पुन: शहीद पुलिस जनों की पुण्य स्मृतियों को नमन करते हुए उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनके परिजनों के कल्याण की कामना करता हूं।
 
पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वलि ने राज्यपाल महोदय के संदेश का वाचन किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद जवानों को मैं सलाम करता हूं। उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। पुलिस स्मृति दिवस बल के शौर्य और वीरता पर गर्व करने का अवसर है। हमारे पुलिस बलों में देश के भरोसे की अभिव्यक्ति का भी दिन है। अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिस बलों के ये सभी वीर शहीद, हमारे देश-प्रदेश की स्मृति में सदा अमर रहेंगे। मैं शहीदों के परिजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए, उन्हें भरोसा दिलाता हूं कि इस घड़ी में वे अकेले नहीं हैं। मध्यप्रदेश सरकार, पुलिस प्रशासन और संपूर्ण समाज उनके साथ है।


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