Logo
Breaking News Exclusive
कपड़ों के गट्ठों के बीच में छिपाया था, MP में खपाने की तैयारी थी 9 क्विंटल गांजा, महिलाएं समेत 6 गिरफ्तार एमपी से CG से मिलने आया, पैसे खत्म हुए तो चाबी लगी गाड़ियों पर करने लगा हाथ साफ; कान पकड़कर मांगी माफी मंदिर परिसर से हटेंगी कंक्रीट-टाइल्स, मांस-मदिरा पर सख्त प्रतिबंध, नया एग्जिट गेट बनेगा  गरियाबंद में मलबे में 4 दबे; खाट पर लिटाकर उफनती नदी पार कराई CEC को सरकार का संरक्षण, छत्तीसगढ़ में भी वोट चोरी का आरोप, BJP बोली- हार का बहाना गेहूं भरे अनियंत्रित ट्रक ने पिकअप को मारी टक्कर, बारिश के बीच गाड़ी खराब होने पर खड़ी थी गरियाबंद कलेक्टर ने कराया था सील, फिर खुला; संचालक बोला- अनुमति क्यों दिखाऊं ? 41वें चक्रधर समारोह में श्रीकृष्ण-राधा के होली-रास ने बांधा समां; 4 साल की उम्र से सीख रहीं कथक पास्टर के घर जुटी केरल समेत कई राज्यों की भीड़; पुलिस ने 55 लोगों की लिस्ट बनाई बारिश से बचने पेड़ के नीचे छिपे थे 2 चरवाहे, गाज गिरने से दोनों की मौत कपड़ों के गट्ठों के बीच में छिपाया था, MP में खपाने की तैयारी थी 9 क्विंटल गांजा, महिलाएं समेत 6 गिरफ्तार एमपी से CG से मिलने आया, पैसे खत्म हुए तो चाबी लगी गाड़ियों पर करने लगा हाथ साफ; कान पकड़कर मांगी माफी मंदिर परिसर से हटेंगी कंक्रीट-टाइल्स, मांस-मदिरा पर सख्त प्रतिबंध, नया एग्जिट गेट बनेगा  गरियाबंद में मलबे में 4 दबे; खाट पर लिटाकर उफनती नदी पार कराई CEC को सरकार का संरक्षण, छत्तीसगढ़ में भी वोट चोरी का आरोप, BJP बोली- हार का बहाना गेहूं भरे अनियंत्रित ट्रक ने पिकअप को मारी टक्कर, बारिश के बीच गाड़ी खराब होने पर खड़ी थी गरियाबंद कलेक्टर ने कराया था सील, फिर खुला; संचालक बोला- अनुमति क्यों दिखाऊं ? 41वें चक्रधर समारोह में श्रीकृष्ण-राधा के होली-रास ने बांधा समां; 4 साल की उम्र से सीख रहीं कथक पास्टर के घर जुटी केरल समेत कई राज्यों की भीड़; पुलिस ने 55 लोगों की लिस्ट बनाई बारिश से बचने पेड़ के नीचे छिपे थे 2 चरवाहे, गाज गिरने से दोनों की मौत

: women's day: मां को कैंसर हुआ तो विदेश की नौकरी छोड़ी, मध्यप्रदेश की खेती में जैविक को बढ़ाने के लिए कमर कसी

News Desk / Tue, Mar 7, 2023


वैशाली मालवीया।

वैशाली मालवीया। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर

विस्तार

महिलाएं आज किस किस तरह से हमारे देश और समाज को मजबूत कर रही हैं इसका नया उदाहरण है वैशाली मालवीया। वैशाली इथोपिया में एचआर प्रोफेशनल थीं। उनकी मां को कैंसर हुआ तो वे सेवा के लिए खंडवा लौटीं। मां ने कहा कैंसर का सबसे बड़ा कारण खानपान में रसायनों का प्रयोग है। जो दर्द मैंने झेला वह दूसरों को न हो इसके लिए कुछ करो। इसके बाद मां दुनिया से चली गई। मां के इन शब्दों ने वैशाली के जीवन की दिशा बदल दी। उन्होंने विदेश की बड़े पैकेज वाली नौकरी छोड़ दी और खंडवा से ही किसानों को जोडऩा शुरू कर दिया। आज वे तीन साल के अंदर प्रदेश और देश के 500 से अधिक जैविक किसानों को एक मंच पर ला चुकी हैं। वे तकनीक के उपयोग से उनके बिजनेस को बढ़ाना सिखा रही हैं ताकि वे पैसे के लिए रसायनों का उपयोन न करें। 

खंडवा के पास वैशाली की पुश्तैनी जमीन है जहां पर वह खेती करती हैं जिसमें उनका भाई राहुल मालवीया पूरा काम बराबरी से संभालता है। राहुल भी सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की नौकरी छोडक़र इस काम से जुड़े हैं। वैशाली ने बताया कि मां के जाने के बाद उन्होंने मां रेणुका फूड्स प्रा. लि. की स्थापना की और किसानों को भी खुद के काम से जोडऩा शुरू किया। 

जैविक महोत्सव से दिया किसानों को मंच
राहुल और वैशाली पिछले तीन साल से इंदौर में जैविक महोत्सव आयोजित कर रहे हैं जिसमें किसानों को सीधे ग्राहकों से जोडऩे के लिए प्लेटफॉर्म दिया जा रहा है। वैशाली ने बताया कि किसान यदि सीधे बाजार में प्रोडक्ट बेचने लगे तो उसका लाभ तीन गुना से अधिक हो जाता है। हम किसानों को जैविक खेती करने और उससे अधिक से अधिक लाभ कमाने के गुर भी सिखाते हैं। 

हर काम पैसे के लिए नहीं किया जाता
खेती के विषय में वैशाली कहती हैं कि हर काम पैसे के लिए नहीं किया जाता। यदि आप खेती सही तरीके से करें तो उससे भी अच्छा फायदा कमा सकते हैं। बस आपको तकनीक की नॉलेज होना जरूरी है। आपको आपके जैविक प्रोडक्ट की सही मार्केटिंग करना आना चाहिए। 

 

Source link

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन