धान की जांच करते टीम के सदस्य।
- फोटो : Amar Ujala Digital
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सीधी जिले के धान खरीदी केंद्र बघवार में अमानक धान पाए जाने का मामला सामने आया। इसके बाद उमाकांत उमराव प्रमुख सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग भोपाल एवं कलेक्टर सीधी ने एक संयुक्त जांच टीम गठित कर पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच टीम ने धान खरीदी केंद्र बघवार एवं स्लोक गोदाम रामपुर में रखी अमानक धान का परीक्षण किया, जिसमें 13 प्रतिशत धान अमानक पाई गई। धान की बोरियों में धान की भूसी, बालू, पत्थर भी पाए गए।
जानकारी के अनुसार भोपाल एवं सीधी के जांच दल ने सर्वप्रथम स्लोक गोदाम रामपुर नैकिन में रखी धान का परीक्षण किया। इसके बाद हनुमते महिला स्वयं सहायता समूह धान खरीदी केंद्र बघवार की पाई गई अमानक धान का परीक्षण किया। इसके बाद धान खरीदी केंद्र बघवार पहुंचकर वहां रखी धान का परीक्षण किया। इसमें 13 प्रतिशत धान अमानक पाई गई एवं धान के बोरों में धान की भूसी, रेत एवं छोटे पत्थर भी पाए गए। यही नहीं धान खरीदी केंद्र बघवार से गोदाम भेजी गई धान का वजन भी काफी कम पाया गया। कई-कई बोरियों का वजन 30 से 33 किलो मिला। इस कारण उक्त खरीदी केंद्र से अब तक भेजी गई धान में 95 क्विंटल धान कम है।
भोपाल, सतना, सीधी के विशेषज्ञों ने की धान की जांच
धान खरीदी केंद्र बघवार में अमानक पाई गई धान का परीक्षण करने भोपाल, सतना एवं सीधी के विशेषज्ञों की टीम धान खरीदी केंद्र बघवार एवं स्लोक गोदाम रामपुर नैकिन में रखी धानों का परीक्षण किया। यहां व्यापक पैमाने पर धान अमानक पाई गई। इस संबंध में भोपाल से आए आरबी एसोसिएट के रीजनल कोऑर्डिनेटर मो. शकील ने बताया कि शासन द्वारा क्षतिग्रस्त एवं बदरंग धान अमानक की सीमा पांच प्रतिशत तय की गई है, जबकि यहां 13 प्रतिशत धान अमानक पाई गई। अधिकांश धान कार्बनिक मापदंड एक प्रतिशत के स्थान पर चार प्रतिशत, अकार्बनिक एक प्रतिशत के स्थान पर 5.5 प्रतिशत, क्षतिग्रस्त, बदरंग, अंकुरित एवं घुने दाने पांच प्रतिशत के स्थान पर 13 प्रतिशत, अपरिपक्व कुम्लाहे एवं सिकुडे़ दाने तीन प्रतिशत के स्थान पर 7.2 प्रतिशत अमानक पाए गए।
सर्वेयर के ये हैं नियम
शासन द्वारा प्रत्येक गोदामों में धान खरीदी केंद्रों से गोदामों में आने वाली धान के बोरों के वजन एवं मानक परीक्षण के लिए सर्वेयर नियुक्त किया गया है। सर्वेयर धान की बोरियों का परीक्षण कर जो धान मानक एवं जिन बोरियों का वजन निर्धारित मात्रा में पाया जाता है उन्हीं धान की बोरियों को गोदाम के अंदर रखा जाता है। जो धान अमानक पाई जाती है अथवा जिन बोरियों का सही वजन नहीं होता उन्हें वापस खरीदी केंद्रों को भेज दिया जाता है।
धान में बालू पत्थर की शिकायत पर की गई जांच
नीलेश शर्मा प्रभारी अधिकारी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सीधी ने बताया कि धान खरीदी केंद्र बघवार में धान अमानक पाए जाने एवं धान की बोरियों में बूसी, बालू एवं पत्थर पाए जाने की शिकायत मिली थी। इसकी जांच कराई जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसी के अनुसार संबंधित व्यक्ति और संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विस्तार
सीधी जिले के धान खरीदी केंद्र बघवार में अमानक धान पाए जाने का मामला सामने आया। इसके बाद उमाकांत उमराव प्रमुख सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग भोपाल एवं कलेक्टर सीधी ने एक संयुक्त जांच टीम गठित कर पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच टीम ने धान खरीदी केंद्र बघवार एवं स्लोक गोदाम रामपुर में रखी अमानक धान का परीक्षण किया, जिसमें 13 प्रतिशत धान अमानक पाई गई। धान की बोरियों में धान की भूसी, बालू, पत्थर भी पाए गए।
जानकारी के अनुसार भोपाल एवं सीधी के जांच दल ने सर्वप्रथम स्लोक गोदाम रामपुर नैकिन में रखी धान का परीक्षण किया। इसके बाद हनुमते महिला स्वयं सहायता समूह धान खरीदी केंद्र बघवार की पाई गई अमानक धान का परीक्षण किया। इसके बाद धान खरीदी केंद्र बघवार पहुंचकर वहां रखी धान का परीक्षण किया। इसमें 13 प्रतिशत धान अमानक पाई गई एवं धान के बोरों में धान की भूसी, रेत एवं छोटे पत्थर भी पाए गए। यही नहीं धान खरीदी केंद्र बघवार से गोदाम भेजी गई धान का वजन भी काफी कम पाया गया। कई-कई बोरियों का वजन 30 से 33 किलो मिला। इस कारण उक्त खरीदी केंद्र से अब तक भेजी गई धान में 95 क्विंटल धान कम है।
भोपाल, सतना, सीधी के विशेषज्ञों ने की धान की जांच
धान खरीदी केंद्र बघवार में अमानक पाई गई धान का परीक्षण करने भोपाल, सतना एवं सीधी के विशेषज्ञों की टीम धान खरीदी केंद्र बघवार एवं स्लोक गोदाम रामपुर नैकिन में रखी धानों का परीक्षण किया। यहां व्यापक पैमाने पर धान अमानक पाई गई। इस संबंध में भोपाल से आए आरबी एसोसिएट के रीजनल कोऑर्डिनेटर मो. शकील ने बताया कि शासन द्वारा क्षतिग्रस्त एवं बदरंग धान अमानक की सीमा पांच प्रतिशत तय की गई है, जबकि यहां 13 प्रतिशत धान अमानक पाई गई। अधिकांश धान कार्बनिक मापदंड एक प्रतिशत के स्थान पर चार प्रतिशत, अकार्बनिक एक प्रतिशत के स्थान पर 5.5 प्रतिशत, क्षतिग्रस्त, बदरंग, अंकुरित एवं घुने दाने पांच प्रतिशत के स्थान पर 13 प्रतिशत, अपरिपक्व कुम्लाहे एवं सिकुडे़ दाने तीन प्रतिशत के स्थान पर 7.2 प्रतिशत अमानक पाए गए।
सर्वेयर के ये हैं नियम
शासन द्वारा प्रत्येक गोदामों में धान खरीदी केंद्रों से गोदामों में आने वाली धान के बोरों के वजन एवं मानक परीक्षण के लिए सर्वेयर नियुक्त किया गया है। सर्वेयर धान की बोरियों का परीक्षण कर जो धान मानक एवं जिन बोरियों का वजन निर्धारित मात्रा में पाया जाता है उन्हीं धान की बोरियों को गोदाम के अंदर रखा जाता है। जो धान अमानक पाई जाती है अथवा जिन बोरियों का सही वजन नहीं होता उन्हें वापस खरीदी केंद्रों को भेज दिया जाता है।
धान में बालू पत्थर की शिकायत पर की गई जांच
नीलेश शर्मा प्रभारी अधिकारी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सीधी ने बताया कि धान खरीदी केंद्र बघवार में धान अमानक पाए जाने एवं धान की बोरियों में बूसी, बालू एवं पत्थर पाए जाने की शिकायत मिली थी। इसकी जांच कराई जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसी के अनुसार संबंधित व्यक्ति और संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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