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: Jabalpur: तालाब व झीलों के संरक्षण के मामले में हाईकोर्ट गंभीर, प्रदेश में मौजूदा जलस्रोत की रिपोर्ट तलब

News Desk / Thu, Nov 24, 2022


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court new - फोटो : istock

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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश के जलस्रोत के संरक्षण को गंभीरता से लिया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने प्रदेश में मौजूदा जलस्रोत की संख्या और उनकी स्थिति के संबंध में राज्य सरकार को रिपोर्ट पेश करने के निर्देश जारी किए हैं। याचिका पर अगली सुनवाई जनवरी के तीसरे सप्ताह में निर्धारित की गई है।

गौरतलब है कि जबलपुर स्थित माढोताल तालाब में अतिक्रमण के संबंध में प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेते हुए हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई जनहित याचिका के रूप में करने के निर्देश दिए थे। युगलपीठ ने संज्ञान याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया था कि माढोताल तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने कार्रवाई की जा रही है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

सुनवाई के दौरान जबलपुर स्थित अन्य तालाब व झील में अतिक्रमण के संबंध में आवेदन पेश किया गया था। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि तालाब अतिक्रमण मुक्त हो गया है, इस संबंध में जानकारी पेश नहीं की गई है। प्रदेश में स्थित जल स्रोत में अतिक्रमण तथा उनकी जमीन का उपयोग अन्य प्रयोजन के लिए करने शिकायत व याचिकाएं दायर हो रही हैं। व्यापक जनहित में सरकार को प्रदेष के जल स्रोत की जानकारी सरकार को न्यायालय में पेश करना चाहिए। जल स्रोत का वास्तविक रूप बरकरार रहे, यह सुनिश्चित किया जाए। 

विस्तार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश के जलस्रोत के संरक्षण को गंभीरता से लिया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने प्रदेश में मौजूदा जलस्रोत की संख्या और उनकी स्थिति के संबंध में राज्य सरकार को रिपोर्ट पेश करने के निर्देश जारी किए हैं। याचिका पर अगली सुनवाई जनवरी के तीसरे सप्ताह में निर्धारित की गई है।

गौरतलब है कि जबलपुर स्थित माढोताल तालाब में अतिक्रमण के संबंध में प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेते हुए हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई जनहित याचिका के रूप में करने के निर्देश दिए थे। युगलपीठ ने संज्ञान याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया था कि माढोताल तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने कार्रवाई की जा रही है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

सुनवाई के दौरान जबलपुर स्थित अन्य तालाब व झील में अतिक्रमण के संबंध में आवेदन पेश किया गया था। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि तालाब अतिक्रमण मुक्त हो गया है, इस संबंध में जानकारी पेश नहीं की गई है। प्रदेश में स्थित जल स्रोत में अतिक्रमण तथा उनकी जमीन का उपयोग अन्य प्रयोजन के लिए करने शिकायत व याचिकाएं दायर हो रही हैं। व्यापक जनहित में सरकार को प्रदेष के जल स्रोत की जानकारी सरकार को न्यायालय में पेश करना चाहिए। जल स्रोत का वास्तविक रूप बरकरार रहे, यह सुनिश्चित किया जाए। 


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