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: MP News: मंडला में शव वाहन नहीं मिला तो हाथरिक्शा में लादकर ले गए डेडबॉडी, कलेक्टर ने जांच के लिए बनाई कमेटी

News Desk / Fri, Nov 25, 2022


शव वाहन नहीं मिलने पर शव को रिक्शा में ले जाना पड़ा।

शव वाहन नहीं मिलने पर शव को रिक्शा में ले जाना पड़ा। - फोटो : सोशल मीडिया

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मध्य प्रदेश के मंडला जिले से झकझोर कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। शव वाहन की कमी के चलते युवक का शव हाथरिक्शा में रखकर परिजन ले गए। अब कलेक्टर ने मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई है, जो रविवार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। 

बता दें कि एक तरह तो आदिवासी वोट बैंक के लिए भाजपा-कांग्रेस उनके विकास की, उन्हें सुविधा देने की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन मंडला जिले से सामने आई तस्वीर हकीकत बयां करने के लिए काफी है। जानकारी के अनुसार मंडला के स्वामी सीताराम वार्ड निवासी संतोष पिता सुखी राम भारतीय (20) को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान शुक्रवार की सुबह युवक की मौत हो गई। शव वाहन नहीं मिलने के कारण परिजन युवक के शव को मजबूरन हाथरिक्शे में जैसे-तैसे रखकर ले गए। रिक्शे में पिता, एक महिला व पुरुष रिश्तेदार आसपास बैठे और बीच में युवक का शव पकड़कर रखा गया। आदिवासी परिवार अव्यवस्थाओं को कोसते नजर आया।

मामले में सीएचएमओ श्रीनाथ सिंह ने बताया कि अस्पताल में सिर्फ एक शव वाहन है। जिस समय युवक की मौत हुई वाहन एक अन्य शव को लेकर गया हुआ था। इधर कांग्रेस विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले ने घटना की निंदा करते हुए बताया कि प्रदेश सरकार आदिवासी कल्याण की बात कहती है। ऐसा कल्याण की बैगा परिवार को नवयुवक बेटा का शव हाथरिक्शे में ले जाना पड़ा।

इधर बैगा युवक के उपचार में बरती गई लापरवाही तथा उसकी मौत के कारणों की जांच के लिए जिला कलेक्टर हर्षिका सिंह ने एसडीएम के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम को शनिवार की शाम तक जांच प्रतिवेदन पेश करना था। पीड़ित परिवार के बयान दर्ज नहीं हो सकने के कारण कमेटी रविवार को अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।

विस्तार

मध्य प्रदेश के मंडला जिले से झकझोर कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। शव वाहन की कमी के चलते युवक का शव हाथरिक्शा में रखकर परिजन ले गए। अब कलेक्टर ने मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई है, जो रविवार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। 

बता दें कि एक तरह तो आदिवासी वोट बैंक के लिए भाजपा-कांग्रेस उनके विकास की, उन्हें सुविधा देने की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन मंडला जिले से सामने आई तस्वीर हकीकत बयां करने के लिए काफी है। जानकारी के अनुसार मंडला के स्वामी सीताराम वार्ड निवासी संतोष पिता सुखी राम भारतीय (20) को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान शुक्रवार की सुबह युवक की मौत हो गई। शव वाहन नहीं मिलने के कारण परिजन युवक के शव को मजबूरन हाथरिक्शे में जैसे-तैसे रखकर ले गए। रिक्शे में पिता, एक महिला व पुरुष रिश्तेदार आसपास बैठे और बीच में युवक का शव पकड़कर रखा गया। आदिवासी परिवार अव्यवस्थाओं को कोसते नजर आया।

मामले में सीएचएमओ श्रीनाथ सिंह ने बताया कि अस्पताल में सिर्फ एक शव वाहन है। जिस समय युवक की मौत हुई वाहन एक अन्य शव को लेकर गया हुआ था। इधर कांग्रेस विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले ने घटना की निंदा करते हुए बताया कि प्रदेश सरकार आदिवासी कल्याण की बात कहती है। ऐसा कल्याण की बैगा परिवार को नवयुवक बेटा का शव हाथरिक्शे में ले जाना पड़ा।

इधर बैगा युवक के उपचार में बरती गई लापरवाही तथा उसकी मौत के कारणों की जांच के लिए जिला कलेक्टर हर्षिका सिंह ने एसडीएम के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम को शनिवार की शाम तक जांच प्रतिवेदन पेश करना था। पीड़ित परिवार के बयान दर्ज नहीं हो सकने के कारण कमेटी रविवार को अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।


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